**अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : स्वस्थ युवा, सशक्त राष्ट्र**
योग भारत की प्राचीन संस्कृति और ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का एक वैज्ञानिक और आध्यात्मिक माध्यम है। आज जब दुनिया तनाव, अनियमित जीवनशैली और मानसिक चुनौतियों से जूझ रही है, तब योग मानव जीवन को स्वस्थ और संतुलित बनाने का सबसे प्रभावी मार्ग बनकर उभरा है।
भारत ने योग के महत्व को विश्व के सामने प्रस्तुत किया और आज 21 जून को पूरा विश्व **अंतरराष्ट्रीय योग दिवस** के रूप में मनाता है। यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है कि हमारी संस्कृति की यह अमूल्य विरासत आज विश्व कल्याण का माध्यम बन रही है।
युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। यदि युवा शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से मजबूत और आत्मविश्वासी होंगे, तो राष्ट्र स्वतः ही सशक्त बनेगा। योग युवाओं को अनुशासन, एकाग्रता, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास प्रदान करता है। यह केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि विचारों और व्यक्तित्व को भी ऊर्जावान बनाता है।
आज आवश्यकता इस बात की है कि हम योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। नियमित योगाभ्यास हमें स्वस्थ जीवन, तनावमुक्त मन और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करता है। एक स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।
**अखंड भारत सेना** का मानना है कि राष्ट्र निर्माण की शुरुआत स्वस्थ और जागरूक नागरिकों से होती है। इसलिए हम सभी युवाओं से आह्वान करते हैं कि वे योग को अपनाएं, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और एक मजबूत, आत्मनिर्भर तथा विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
आइए, इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हम सब मिलकर संकल्प लें—
**”योग अपनाएं, स्वस्थ रहें और राष्ट्र को मजबूत बनाएं।”**
**स्वस्थ युवा ही सशक्त भारत की पहचान हैं।**
🇮🇳 **वंदे मातरम्।**
🇮🇳 **जय हिंद।**
— सुश्री सुषमा
संस्थापक एवं अध्यक्ष
अखंड भारत सेना

