देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में बड़ा विरोध का सामना करना पड़ा. कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को रोका. वजह है NEET परीक्षा का पेपर लीक होना. पेपर लीक होने के बाद सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी. इससे लाखों छात्रों की परीक्षा फिर से करनी पड़ेगी. इसी को लेकर NSUI के कार्यकर्ता नाराज हैं. वो शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार मान रहे हैं. अहमदाबाद में विरोध के दौरान NSUI के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कई को हिरासत में लिया.
अहमदाबाद में IIM (भारतीय प्रबंधन संस्थान) स्थित है. धर्मेंद्र प्रधान वहां कार्यक्रम में गए थे. जब वो IIM से अपनी गाड़ी में बैठकर गांधीनगर की ओर जा रहे थे तब NSUI के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को रोक दिया और काले झंडे दिखाए.
NSUI के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए तो तो पुलिस ने कई को हिरासत में लिया. कार्यकर्ताओं का कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है
.3 मई 2026 को आयोजित NEET UG परीक्षा में करीब 22.8 लाख छात्र शामिल हुए थे, लेकिन कुछ ही दिनों बाद पेपर लीक के गंभीर आरोप सामने आए. इस मामले की जांच के बाद 12 मई को NTA ने पूरे परीक्षा को रद्द कर दिया है. यह पहली बार है जब NTA के अंतर्गत NEET UG परीक्षा पूरी तरह से निरस्त की गई है
जांच में खुलासा हुआ कि परीक्षा से 15 दिन से 1 महीने पहले व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स पर लगभग 410 सवालों का एक “गेस पेपर” तेज़ी से फैल रहा था। इसमें केमिस्ट्री सेक्शन के करीब 120 सवालों के असली सवाल से हूबहू मिलान पाए गए. मुख्य रूप से लीक राजस्थान के सिकर क्षेत्र के कोचिंग हब से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है.

