Tamil Nadu Government Formation Live Updates: तमिलनाडु में पांच दशक के बाद द्रविड़ राजनीति का अंत हो रहा है. थलापति विजय ने सभी अड़चनों को पार कर लिया है. उन्होंने शनिवार को देर शाम राज्यपाल अर्लेकर से राजभवन में मिलकर 120 विधायकों का समर्थन दिया. राज्यपाल ने उनको सरकार बनाने के लिए निमंत्रण कर दिया है. बताते चलें कि रविवार दोपहर तीन बजे थलापति विजय का शपथ ग्रहण समारोह होगा.
तमिलनाडु की राजनीति इस समय किसी हाई-वोल्टेज थ्रिलर से कम नहीं दिख रही. अभिनेता से नेता बने विजय ने चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सबको चौंका दिया, लेकिन सत्ता का दरवाजा अब भी पूरी तरह नहीं खुला है. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने बहुमत के स्पष्ट आंकड़े का हवाला देते हुए फिलहाल सरकार बनाने की मंजूरी नहीं दी है. इसके बाद अब टीवीके कैंप में नई रणनीति तैयार हो रही है. पार्टी का फोकस अब फ्लोर टेस्ट पर है. कांग्रेस, वीसीके, सीपीआई और सीपीएम के समर्थन के बाद टीवीके अपने नंबर मजबूत होने का दावा कर रही है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विजय जल्द ही शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर सकते हैं. दूसरी तरफ AIADMK और DMK के बीच संभावित समझौते की अटकलों ने राज्य की राजनीति को और रोमांचक बना दिया है. इधर VCK कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में विजय समर्थक जुटने लगे हैं.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला. 234 सीटों वाली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है. टीवीके ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया, लेकिन बहुमत से दूर रह गई. बाद में कांग्रेस ने समर्थन दिया, जबकि वाम दल और वीसीके भी टीवीके के साथ खड़े दिखाई दिए. इसके बावजूद राजभवन ने अभी तक सरकार गठन को लेकर हरी झंडी नहीं दी. टीवीके का तर्क है कि देश में पहले भी कई बार सबसे बड़ी पार्टी को फ्लोर टेस्ट का मौका दिया गया है. इसी आधार पर अब विजय अपने सहयोगियों के साथ रणनीति बनाने में जुटे हैं. उधर AIADMK के बीजेपी से दूरी बनाने की खबरों ने राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं.
फ्लोर टेस्ट की तैयारी में जुटी TVK
टीवीके सूत्रों के मुताबिक पार्टी अब फ्लोर टेस्ट के जरिए बहुमत साबित करने की तैयारी कर रही है. विजय लगातार सहयोगी दलों के संपर्क में हैं और निर्दलीय विधायकों का समर्थन जुटाने की कोशिश भी तेज हो गई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगले 48 घंटे तमिलनाडु की सत्ता की दिशा तय कर सकते हैं. अगर टीवीके बहुमत साबित करने में सफल रहती है तो विजय राज्य के नए मुख्यमंत्री बन सकते हैं. वहीं अगर डीएमके और एआईएडीएमके के बीच कोई अप्रत्याशित समझौता होता है तो तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है

