नई दिल्ली: भारत ने श्रीलंका में रेल सेवा बहाल कर दी है। चक्रवात दितवाह से मची तबाही से श्रीलंका की रेल लाइन बर्बाद हो गई थी। नॉर्दर्न रेलवे लाइन के क्षतिग्रस्त हिस्से को भारत ने ठीक कर दिया है। इस रेल लाइन को बहाल करने पर 50 लाख डॉलर का खर्च आया, जो भारत की ओर से दिए 45 करोड़ डॉलर के पैकेज का हिस्सा है। अब भारत ने बेहद कम समय में श्रीलंका की रेल लाइन बहाल की है। ‘पड़ोसी पहले की नीति’ के तहत भारत ने श्रीलंका के साथ संबंधों को और मजबूती प्रदान की है। भारत के लिए यह रणनीतिक तौर पर भी बेहद जरूरी है। हाल ही में भारत के उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भी श्रीलंका के दौरे पर थे। यह वही श्रीलंका है, जहां चीन ने स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स नीति के तहत भारत को घेरने की रणनीति अपनाई है। चीन ने श्रीलंका में हंबनटोटा पोर्ट समेत कई जगहों पर बड़ा निवेश किया है। मगर, भारत ने इस द्वीपीय देश में भरोसे की रेल दौड़ा दी है। हाल ही में अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान भारत ने श्रीलंका और बांग्लादेश को तेल भी दिया है।
भारत ने श्रीलंका में बहाल कर दी रेल लाइन, 3 पुल भी बनाए
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा-उपराष्ट्रपति ने भारतीय आवास परियोजना के तीसरे चरण के तहत 4000 आवास इकाइयों के अंतिम समूह को वर्चुअल रूप से सौंप दिया।
चक्रवात दितवाह के बाद पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए भारत द्वारा दिए जा रहे 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के सहायता पैकेज के तहत भारत की ओर से बहाल की गई उत्तरी रेलवे लाइन पर ट्रेन सेवाओं की बहाली का ऐलान किया। उन्होंने तीन और बेली पुलों के निर्माण की भी घोषणा की।
ये पुल प्रभावित समुदायों को फिर से जोड़ने और महत्वपूर्ण संपर्क बहाल करने में सहायक होंगे।
भारत ने जिस उत्तरी रेलवे ट्रैक को बहाल करने में मदद की है, वो महावा जंक्शन से ओमानथाई स्टेशन को जोड़ता है। भारत ने 2019 और 2024 में भी दो चरणों में श्रीलंका के रेल ट्रैक आधुनिकीकरण में मदद की थी। 370 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ सकेंगी। इसमें कई सुरंगें भी बनाई गई हैं।

