नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हर दिन भारत के खाते में कोई न कोई मेडल आ रहा है। 30 जुलाई तक तीन गोल्ड समेत भारत 17 मेडल जीत चुका है। वहीं बॉक्सिंग में 10 मेडल पक्के हो चुके हैं। यानी भारत कम से कम 27 मेडल तक तो पहुंच ही जाएगा। कॉमनवेल्थ गेम्स में 74 देश हिस्सा ले रहे हैं। इसमें पाकिस्तान भी शामिल है। पाकिस्तान की तरफ से 14 पुरुष और 7 महिला एथलीट इवेंट में उतरे हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अभी तक पाकिस्तान के खाते में एक भी मेडल नहीं आया है। 6 गेम्स के लिए पाकिस्तान ने एथलीट भेजे हैं लेकिन अभी तक किसी ने मेडल नहीं जीता है। पाकिस्तान 1954 से गेम्स में हिस्सा ले रहा है। 2022 में बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में पाकिस्तानी एथलीट ने दो गोल्ड समेत 7 मेडल अपने नाम किए थे।
पाकिस्तान के लिए इस कॉमनवेल्थ गेम्स में अभी तक सिर्फ एक मेडल पक्का हुआ है। महिलाओं की 60 किलोग्राम इवेंट में फातिमा जहरा सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं। भाला फेंक इवेंट में पाकिस्तान की तरफ से अरशद नदीम फाइनल में हैं। उन्होंने ओलंपिक में गोल्ड जीता था। पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उनका गोल्ड था। लेकिन इंजरी के बाद उनका प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा है।
रेसलिंग में पाकिस्तान सबसे ज्यादा सफल
कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में अभी तक पाकिस्तान ने कुल 27 गोल्ड मेडल जीते हैं। इसमें 21 गोल्ड सिर्फ रेसलिंग में हैं। वहीं कुल 82 मेडल में से 46 रेसलिंग में आए हैं। इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में रेसलिंग को जगह नहीं मिली है। यही वजह है कि पाकिस्तान मेडल टैली में स्ट्रगल कर रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स में पाकिस्तान का बेस्ट प्रदर्शन 1962 में आया था। पर्थ में हुए गेम्स में 8 गोल्ड के साथ पाकिस्तान के खाते में 9 मेडल गिरे थे। उस इवेंट में भारत ने हिस्सा नहीं लिया था।

