आँखों में आँसू थे, फिर भी मुस्कुरा रहे थे,हम अपने ही दर्द को खुद से छुपा रहे थे। हर आँसू एक कहानी कह गया,जिसे सुनने...
Category : शेर ए सायरी
अश्कों से भीगी चांदनी में जब हम खुद को देखते हैं तो वो मंजर आंखों में उभर आता है
अश्कों से भीगी चांदनी में जब हम खुद को देखते हैं तो वो मंजर आंखों में उभर आता है ना तुम कभी कुछ कह पाए...
आज फिर से कुछ लिखने का मन किया कलम ली और लिखने लगेंगे हम, फिर सोचा क्या लिखे और क्यू लिखे चलो दर्द पर कुछ...
हम उस मोड़ पर खड़े हैं, जहाँ दिल भी नहीं रहा और तेरा इंतज़ार भी… तुमसे दूर रहकर भी तुम्हें महसूस करते हैं, ये दूरी...
मैं अकेली हूं लेकिन फिर भी मैं हूं, मैं सब कुछ नहीं कर सकती लेकिन मैं कुछ तो कर सकती हूं। जब तक आप खुद...
प्रकृति माँ के स्पष्ट संदेश के साथ, ये अनमोल बूँदें तेज़ी से एक मस्ती से भरा, प्रेम से भरा जीवन जीती हैं, और फिर अपने...
वो पानी की बूँद थी जो आँख से बही थी, आंसू तो वो था, जो आखों में रुक गया, उसने बस तड़प सही थी। “हम...
अनजाने में यूँ ही हम दिल गँवा बैठे, इस प्यार में कैसे धोखा खा बैठे, उनसे क्या गिला करें, भूल तो हमारी थी, जो बिना...

