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ब्लॉगमनोरंजनशेर ए सायरी

दर्द भरी शायरी —अलग-अलग एहसासों के साथ

दर्द भरी शायरी —अलग-अलग एहसासों के साथ 💔

1️⃣
हम मुस्कुराते रहे, ताकि कोई दर्द न पढ़ ले,
वरना हर हँसी के पीछे, एक कहानी रोती रही।

2️⃣
जिसे अपना समझा था, वही सबसे दूर निकला,
दर्द तब और बढ़ा, जब उसने “अपना” कहकर छोड़ा।

3️⃣
खामोशी ने भी आज मुझसे शिकायत कर ली,
कहने को बहुत कुछ था, पर कहने वाला कोई नहीं।

4️⃣
टूट कर चाहा था जिसे, उसने तोड़ा ऐसे,
जैसे कभी मोहब्बत थी ही नहीं।

5️⃣
रातों की नींद और दिल का सुकून,
दोनों उसी ने छीने, जिसने वादा किया था लौट आने का।

6️⃣
हम आज भी उसके इंतज़ार में हैं,
और वो कहता है—“अब मुझे फ़र्क़ नहीं पड़ता।”

7️⃣
दर्द इतना गहरा है कि आँसू भी डरते हैं,
कि कहीं बह निकले तो सब राज़ खुल जाएंगे।

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