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शहबाज नहीं रुकवा पाए अमेरिका-ईरान युद्ध, अब ‘ट्रंप कार्ड’ निकालने जा रहे US

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ईरान-अमेरिका युद्ध नहीं रुकवा पाए। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से ईरान के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई की बात कही है। ट्रंप ने यह बात ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता विफल रहने के बाद कही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर ‘जस्ट द न्यूज’ वेबसाइट का एक आर्टिकल रीपोस्ट किया। इस आर्टिकल में उन संभावित कदमों की जानकारी दी गई है, जो ईरान-अमेरिका वार्ता विफल रहने के बाद ट्रंप उठा सकते हैं। इसमें कहा गया है कि अगर ईरान अमेरिका के साथ समझौते को स्वीकार करने से इनकार करता है तो ट्रंप फिर से तेहरान पर बमबारी करके उसे पाषाण युग में ले जा सकते हैं। बता दें कि ट्रंप ईरान को पहले ही यह धमकी दे चुके हैं।

वेबसाइट के आर्टिकल में आगे कहा गया है कि इसके अलावा ट्रंप पहले से ही लड़खड़ाती ईरानी अर्थव्यवस्था को दबाने के लिए अपनी सफल नाकाबंदी रणनीति को दोहरा सकते हैं। इसके अलावा चीन और भारत पर राजनयिक दबाव भी बढ़ाया जा सकता है। इसके तहत उन्हें ईरान से तेल लेने से मना किया जा सकता है। इस लेख में यह भी बताया गया कि अमेरिकी नेवी होर्मुज पर भी कंट्रोल करने के लिए कदम उठा सकती है। बता दें कि युद्ध शुरू होने के बाद से ही ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर रखा है। इससे पूरी दुनिया में एनर्जी सप्लाई चेन प्रभावित हो गई है।

 

क्या अमेरिकी नेवी कंट्रोल करेगी होर्मुज

वेबसाइट ने लेक्सिंगटन इंस्टीट्यूट की राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ रेबेका ग्रांट के हवाले से कहा है कि अभी अमेरिकी नौसेना के लिए यह पूरी तरह से आसान होगा। वह बहुत आसानी से यह कंट्रोल कर सकता है कि होर्मुज से क्या आएगा और जाएगा। ग्रांट ने कहाकि मैंने सुना है कि पिछले 24 घंटों में करीब 10 जहाज चले गए हैं। इनमें से एक फिर से झंडा लगाए रूसी टैंकर था। इसके अलावा कार्गो चीन और भारत में गए हैं।

गौरतलब है कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्थानीय समयानुसार सुबह 7:08 बजे इस्लामाबाद से अपने सरकारी विमान से स्वदेश रवाना हो गए। वेंस ने कहा कि ईरान के परमाणु हथियार विकसित करने से अपने कदम पीछे खींचे जाने के बाद उन्होंने पाकिस्तान से रवाना होने का निर्णय किया। वेंस ने कहाकि अमेरिकी पक्ष ने अपना अंतिम और सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव ईरान को दिया था, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता 21 घंटे तक चली। दोनों देशों ने बातचीत के लिए 8 अप्रैल को दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति जताई थी।

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