Oasis News
मनोरंजन

धर्मेंद्र की पहली और आखिरी सीरीज, निभाया था इस सूफी-संत का रोल, लीड रोल में थीं अदिति राव हैदरी, 6.9 है रेटिंग

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के एक आइकॉन, एक लेजेंड और एक सुपरस्टार धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे. पर वो जबतक थे, उनकी मौजूदगी हर उस कमरे को रौशन कर देती थी जहां वो होते थे. पर्दे पर ‘हीमैन’ की इमेज वाले धर्मेंद्र रियल लाइफ में बहुत नरम दिल आदमी थे. उनके जेंटलमैन स्वभाव और दिलदार शख्सियत के किस्से इंडस्ट्री में खूब मिलते हैं. 60 साल से लंबा एक्टिंग करियर, जिसमें से 30 साल इंडस्ट्री के टॉप पर रहना… ऐसी अचीवमेंट्स किसी भी दूसरे सुपरस्टार के खाते में नहीं हैं.

 

लेकिन उपलब्धियों के इस शिखर पर पहुंचने के लिए, पहली सीढ़ी चढ़ने में इतनी मेहनत और संघर्ष लगा कि एक वक्त तो धर्मेंद्र हार मानने वाले थे. पहली बार नहीं, दूसरी बार. एक बार तो वो हार मानकर वापिस लौट चुके थे. पर दूसरी बार उनका हाथ थामने के लिए मनोज कुमार मौजूद थे. आगे चलकर ‘भारत कुमार’ कहलाने वाले फिल्म स्टार मनोज कुमार जिन्हें धर्मेंद्र प्यार से ‘मन्नो’ बुलाते थे.

एक्टर बनने आए धर्मेंद्र पहली बार फेल होकर लौट गए वापस

पंजाब के एक गांव में, एक स्कूल हेडमास्टर के घर जन्मे धर्मेंद्र को फिल्मों का चस्का बचपन से लगने लगा था. इंटरव्यूज में उन्होंने बताया है कि मोतीलाल और दिलीप कुमार की फिल्में देख-देखकर वो बड़े हुए थे. उनकी बायोग्राफी ‘धर्मेंद्र: नॉट जस्ट अ हीमैन’ (धर्मेंद्र: केवल एक हीमैन नहीं) बताती है कि दिलीप कुमार की ‘शहीद’ देखने के बाद वो सिनेमा के जादू में फंस चुके थे.

1950s के बीच में धर्मेंद्र पहली बार एक्टर बनने की आस लिए मुंबई आए थे. इंडस्ट्री में ना कोई पहचान, ना कोई गाइड. हैरानी की बात नहीं थी कि एक्टर बनने की उनकी पहली कोशिश नाकाम हुई और वो वापस घर लौट गए. पंजाब लौटकर एक ड्रिलिंग कंपनी में नौकरी करने लगे. एक दिन फिल्मफेयर-यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स टैलेंट हंट का इश्तिहार देखा तो उम्मीद फिर जागी.

Related posts

Dhurandhar 2 Vs Bhooth Bangla: ‘भूत बंगला’ ने ‘धुरंधर 2’ को चटाई धूल, फर्स्ट मंडे को की इतनी कमाई

oasisadmin

Chand Mera Dil Box Office Day 2: शनिवार को ‘चांद मेरा दिल’ ने मारी लंबी छलांग, अनन्या की फिल्म पर बरसे करारे नोट

oasisadmin

E-News Paper- 3

oasisadmin

Leave a Comment