234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में फ़िल्म स्टार विजय की टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. इसके साथ ही राज्य में अस्थिर गठबंधन सरकार के दौर की शुरुआत होती दिख रही है.
यह पहली बार नहीं है जब तमिलनाडु की जनता ने ऐसा जनादेश दिया हो, जिसमें सबसे बड़ी पार्टी अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर सकी हो.
दरअसल, ठीक 20 साल पहले द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) को टीवीके से भी कम सीटें मिली थीं.
तब डीएमके ने केवल 96 सीटें जीती थीं, जबकि इस बार टीवीके को उससे कहीं ज़्यादा सीटें मिली हैं.
लेकिन तब डीएमके को 34 सदस्यीय कांग्रेस के बाहरी समर्थन के साथ-साथ दो कम्युनिस्ट पार्टियों, नौ सदस्यों वाली सीपीएम और छह सदस्यों वाली सीपीआई और 18 सदस्यीय पीएमके का भी समर्थन हासिल था.
दूसरी ओर, टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं. हालांकि यह संख्या बाद में 107 हो जाएगी, क्योंकि टीवीके प्रमुख जोसेफ़ विजय दो सीटों से चुने गए हैं और उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ेगी.
टीवीके को पांच सदस्यीय कांग्रेस का समर्थन मिला है. इस तरह इसकी कुल संख्या 112 तक पहुंचती है.
234 सदस्यीय सदन में साधारण बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन ज़रूरी है. राजनीतिक रूप से आंकड़ों के आधार पर पलड़ा टीवीके के पक्ष में झुका लगता है. लेकिन अभी का राजनीतिक माहौल ज़्यादा अस्थिर दिखाई पड़ता है.

