ईरान ने कहा है कि अमेरिका के हमलों की वजह से पश्चिम एशिया में फैली जंग अब हिंद महासागर तक पहुंच सकती है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेने के सलाहकार याह्या रहीम सफवी ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि अगर अमेरिका या इजरायल ने उनकी जमीन पर फिर से हमला किया तो इस बार तेहरान पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को हिंद महासागर तक बढ़ा सकता है।
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी की ओर से जारी एक वीडियो में याह्या रहीम सफवी ने कहा, ‘संघर्ष फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट से लाल सागर तक फैल गया है। इसलिए यह संभव है कि ईरान पर नए हमले होने की सूरत में यह युद्ध का मोर्चा इससे आगे बढ़े और हिंद महासागर या शायद उससे भी आगे तक पहुंच जाए।’
ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री की ओर से भी गुरुवार को एक अहम बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ईरान की रक्षा नीति अब बदल रही है। ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल माजिद इब्न रजा ने यूएन जनरल असेंबली (UNGA) में अपने राष्ट्रपति भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि तेहरान की रक्षा नीति बदल गई है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित किया। न्यूयॉर्क में खड़े होकर मसूद पेजेश्कियान ने सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिया और ऐलान किया कि ईरान कभी झुकेगा नहीं। यह पहली बार है, जब किसी नेता ने ऐसे देश के मंच से वैश्विक संस्था को संबोधित किया, जिसके साथ वह जंग लड़ रहा है।
पेजेश्कियान ने अपने संबोधन में कहा, ‘कल अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमारे देश के बारे में जो कहा, वह संयुक्त राष्ट्र के नियमों, उसकी भावना और इंसानियत के बुनियादी उसूलों के खिलाफ है। ये बात अंतरराष्ट्रीय कानून और कूटनीति के जानकार अच्छे से समझते हैं।’

