ब्लॉगमनोरंजनशेर ए सायरीअश्कों से भीगी चांदनी में जब हम खुद को देखते हैं तो वो मंजर आंखों में उभर आता है by oasisadminJanuary 14, 2026January 14, 2026070 अश्कों से भीगी चांदनी में जब हम खुद को देखते हैं तो वो मंजर आंखों में उभर आता है ना तुम कभी कुछ कह पाए ना हम कभी कुछ सुन पाए एक उम्मीद में बिता दिया ये जीवन हमने कभी तो तुम कुछ बोलोगे कभी तो हम कुछ सुनेंगे