Oasis News
ब्लॉगमनोरंजनशेर ए सायरी

अश्कों से भीगी चांदनी में जब हम खुद को देखते हैं तो वो मंजर आंखों में उभर आता है

अश्कों से भीगी चांदनी में जब हम खुद को देखते हैं तो वो मंजर आंखों में उभर आता है

ना तुम कभी कुछ कह पाए
ना हम कभी कुछ सुन पाए
एक उम्मीद में बिता दिया ये जीवन हमने
कभी तो तुम कुछ बोलोगे 
कभी तो हम कुछ सुनेंगे

Related posts

Antra Developers Brings Future-Ready Investment Opportunities in Dholera Smart City

oasisadmin

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : स्वस्थ युवा, सशक्त राष्ट्र

oasisadmin

Health Tips: ठंड में खांसी- जुकाम से हैं परेशान? तुरंत बनाकर पी लें दादी-नानी का ये देसी काढ़ा, तुरंत मिलेगा आराम

oasisadmin

Leave a Comment