अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘पाकिस्तान के अनुरोध’ पर ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने की घोषणा की है.
लेकिन उन्होंने कहा है कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखेगा.
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि पाकिस्तान के फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के अनुरोध पर वह ईरान पर हमला टाल रहे हैं.
उन्होंने लिखा, “मैंने अपनी सेना को नाकेबंदी जारी रखने और बाकी सभी मामलों में पूरी तरह तैयार और सतर्क रहने का निर्देश दिया है. मैं युद्धविराम को तब तक बढ़ाऊंगा, जब तक उनकी ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आता और बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती.”
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी युद्ध जैसी कार्रवाई के बराबर है और यह युद्धविराम का उल्लंघन है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, “किसी वाणिज्यिक जहाज़ पर हमला करना और उसके चालक दल को बंधक बनाना इससे भी बड़ा उल्लंघन है. ईरान जानता है कि प्रतिबंधों को कैसे बेअसर करना है, अपने हितों की रक्षा कैसे करनी है और दबाव व धमकियों का जवाब कैसे देना है.”
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने अमेरिका के युद्धविराम बढ़ाने की घोषणा का स्वागत किया है और इसे तनाव कम करने वाला क़दम बताया. उन्होंने कहा कि इससे ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीति और भरोसा बनाने के लिए ज़रूरी माहौल तैयार होगा.
उन्होंने कहा, “हम सभी पक्षों से अपील करते हैं कि इस प्रगति का फायदा उठाएं, ऐसे किसी भी क़दम से बचें जो युद्धविराम को कमज़ोर कर सकता है, और एक टिकाऊ व स्थायी समाधान के लिए रचनात्मक तरीके से बातचीत में शामिल हों

