BRICS New Delhi Declaration: 11 देशों का बड़ा फैसला, आतंकवाद पर सख्त संदेश और Local Currency Trade को मिली नई दिशा
Report By: Sushma | Date: 12 September 2026 | New Delhi
नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS Summit के पहले दिन 11 सदस्य देशों ने New Delhi Declaration अपनाकर दुनिया को बड़ा संदेश दिया। बैठक के बाद आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने, संयुक्त राष्ट्र सुधार और वैश्विक दक्षिण (Global South) की भूमिका मजबूत करने पर सहमति बनी।
भारत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकातें भी हुईं।
New Delhi Declaration में क्या-क्या हुआ?
1. आतंकवाद पर Zero Tolerance का संदेश
BRICS नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी रूप में आतंकवाद स्वीकार नहीं किया जा सकता।
घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की भी कड़ी निंदा की गई और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग बढ़ाने की बात कही गई।
2. BRICS Currency नहीं, लेकिन Local Currency Trade को बढ़ावा
काफी समय से BRICS की साझा मुद्रा की चर्चा चल रही थी, लेकिन इस बार कोई नई BRICS Currency घोषित नहीं हुई।
इसके बजाय सदस्य देशों ने अपनी-अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार और निवेश को आसान बनाने पर जोर दिया। BRICS Payment Task Force भुगतान प्रणालियों को जोड़ने पर काम करेगी।
3. भारत की कई पहल को मिली मंजूरी
भारत की अध्यक्षता में कई नई पहल सामने आईं, जिनमें शामिल हैं:
- BRICS Digital Public Infrastructure Repository
- Health Training Hub Network
- NIMHANS को Mental Health Coordination Centre की भूमिका
- Industry 4.0 के लिए India Centre for Industrial Competencies
इन पहलों का उद्देश्य तकनीक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है।
4. UN Security Council सुधार की मांग तेज
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग दोहराई।
BRICS देशों ने माना कि वैश्विक संस्थाओं में विकासशील देशों को अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
मोदी–शी जिनपिंग की अहम मुलाकात
BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात सबसे ज्यादा चर्चा में रही।
दोनों नेताओं ने:
- सीमा पर शांति बनाए रखने,
- व्यापारिक संबंध सुधारने,
- Transport Links बढ़ाने,
- Supply Chain सहयोग मजबूत करने
पर बातचीत की। यह शी जिनपिंग की सात वर्षों बाद भारत यात्रा भी रही।
पश्चिम एशिया और वैश्विक तनाव पर भी चर्चा
BRICS नेताओं ने मध्य पूर्व की स्थिति पर चिंता जताई और नागरिकों की सुरक्षा, परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा तथा कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया।
साथ ही, संयुक्त राष्ट्र की अनुमति के बिना लगाए जाने वाले एकतरफा प्रतिबंधों पर भी चिंता व्यक्त की गई।
BRICS का नया संदेश
भारत ने स्पष्ट किया कि BRICS किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि Global South को Rule-Shaper बनाने की दिशा में काम करना चाहता है।
अब दुनिया की नजर 13 सितंबर के अगले दौर की बैठकों और संभावित नई घोषणाओं पर टिकी है।
Disclaimer
यह समाचार 12 सितंबर 2026 को BRICS Summit के आधिकारिक घटनाक्रम और विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है। परिस्थितियों के अनुसार आगे नई घोषणाएं या अपडेट सामने आ सकते हैं।
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