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पाकिस्तान पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान, अमेरिका के साथ समझौते पर तेज हुई कूटनीति

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ऐसे समय पाकिस्तान पहुंचे हैं, जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्ति समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिशें तेज हो गई हैं. पेजेश्कियान की पाकिस्तान यात्रा को क्षेत्रीय कूटनीति और संभावित शांति समझौते के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान मंगलवार को पाकिस्तान पहुंचे. उन्होंने पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं और अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा, ईरान-अमेरिका वार्ता और मध्य पूर्व की स्थिति पर अहम बातचीत शुरू की. उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं और दोनों देशों की टीमें युद्ध खत्म करने संबंधी संभावित समझौते के अंतिम ड्राफ्ट पर काम कर रही हैं.

सूत्रों के मुताबिक, 21 जून को स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच उच्चस्तरीय वार्ता हुई थी. इस बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अपने-अपने देशों का नेतृत्व किया. वार्ता के बाद तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें समझौते की शर्तों और उन्हें लागू करने की प्रक्रिया पर काम कर रही हैं. माना जा रहा है कि यह समझौता मध्य पूर्व में इस साल फरवरी से जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता

हालांकि, वार्ता के बीच दोनों पक्षों के बयानों में कुछ विरोधाभास भी सामने आए हैं. ईरान की राजधानी तेहरान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने मंगलवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ‘अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी'(IAEA)के किसी भी प्रतिनिधिमंडल के ईरान दौरे की फिलहाल कोई योजना तय नहीं हुई है. यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया था कि स्विट्जरलैंड वार्ता के दौरान ईरान ने IAEA को उन परमाणु स्थलों का निरीक्षण करने की अनुमति देने पर सहमति जताई है, जिन पर पिछले वर्ष अमेरिका ने बमबारी की थी.

इन विरोधाभासी दावों ने संभावित समझौते की वास्तविक स्थिति को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है. विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के बीच अब भी कई संवेदनशील मुद्दों पर सहमति बननी बाकी है. पाकिस्तान लंबे समय से ईरान और अमेरिका के बीच संवाद कायम रखने की कोशिश करता रहा है. ऐसे में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे व्यापक क्षेत्रीय कूटनीति और संभावित शांति समझौते से भी जोड़कर देखा जा रहा है. अब सबकी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत किसी ठोस समझौते तक पहुंचती है या नहीं.

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