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ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल जानिए कितनी खतरनाक, जो रूस ने कीव पर हमले में तीसरी बार की इस्तेमाल

रूस ने रविवार को यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के क्षेत्रों पर 90 मिसाइलों और 600 ड्रोन के साथ अब तक का सबसे भीषण हमला किया है. रूसी सेना ने इस घंटों लंबी भारी बमबारी के दौरान अजय मानी जाने वाली ओरेशनिक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल भी कीव पर दागी. इस हमले में कीव और उसके बाहरी इलाकों में दो-दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दक्षिणी क्षेत्र खेरसॉन में दो अन्य लोगों ने अपनी जान गंवा दी.

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में राजधानी के केंद्र में स्थित दर्जनों आवासीय इमारतें, ऐतिहासिक भवन और कई स्कूल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि करीब 100 लोग घायल हुए हैं. राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए अमेरिका और यूरोप समेत सभी सहयोगी देशों से रूस के खिलाफ तत्काल कड़े फैसले लेने का अपील

बताया जा रहा है कि फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद से ये तीसरा मौका है, जब रूसी सेना ने यूक्रेन के खिलाफ कई हजार किलोमीटर की मारक क्षमता वाली ओरेशनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया है. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि पिछली दो मिसाइलों ने बड़े शहरों को निशाना बनाया था, लेकिन इस बार ये मिसाइल कीव के बाहरी इलाके से लगभग 64 किलोमीटर दूर स्थित 2 लाख की आबादी वाले शहर बिला त्सेर्क्वा पर दागी गई.

 

क्या है मिसाइल की खासियत

विशेषज्ञों के अनुसार, ओरेशनिक मिसाइल की सबसे अनोखी विशेषता ये है कि यह एक साथ कई अलग-अलग टारगेटों पर एक ही समय में सटीक हमला करने वाले मल्टीपल वॉरहेड ले जा सकती है. मिसाइलों की ये विशेषता आमतौर पर बहुत लंबी दूरी की अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBMs) से जुड़ी होती है जो इसे और खतरनाक बनाती है.

 

रूसी भाषा में ‘हेजलनट ट्री’ के नाम से जानी जाने वाली ये मिसाइल मूल रूप से आरएस-26 रूबेझ (RS-26 Rubezh) पर आधारित है, जिसे रूस ने शुरुआत में एक अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल के रूप में विकसित किया था. अन्य रूसी प्रणालियों की तरह, ये पारंपरिक विस्फोटकों के साथ-साथ परमाणु हथियारों को ले जाने में भी पूरी तरह सक्षम है

.वहीं, ओपन-सोर्स जांच संगठन ‘सेंटर फॉर इंफॉर्मेशन रेजिलिएंस’ के एक अन्वेषक रोलो कोलिन्स ने रॉयटर्स के फुटेज की गहन समीक्षा के बाद बताया कि ओरेशनिक मिसाइल का मुख्य वॉरहेड हवा में ही 36 छोटे उप-हथियारों (सबमुनिशन्स) में विभाजित हो गया था. इस भीषण हवाई हमले ने कीव के केंद्र से उत्तर में स्थित लुक्यानिव्का जिले को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है, जहां एक मिसाइल संयंत्र स्थित है.

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