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जिनपिंग महान नेता, मेरा ये कहना कुछ लोगों को पसंद नहीं’, ट्रंप की चापलूसी से दुनिया हैरान

चीन दौरे पर गए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रेसिडेंट जिनपिंग की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं. जिनपिंग की शान में कसीदे पढ़ रहे हैं. ट्रंप ने शी जिनपिंग को ‘दोस्त’ कहा है. ट्रंप ने जिनपिंग की तरफ से घोषणा की है कि चीनी राष्ट्रपति 24 सितंबर को व्हाइट हाउस का दौरा करेंगे.

बीजिंग में ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में ओपनिंग रिमार्क्स के दौरान ट्रंप ने जिनपिंग की तारीफ में एक से एक बातें कहीं. उन्होंने कहा कि आपके साथ होना सम्मान की बात है. आपका दोस्त होना सम्मान की बात है, और चीन और अमेरिका के बीच संबंध पहले से कहीं बेहतर होने वाले हैं.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि, “आप एक महान नेता हैं. मैं सबको कहता हूं कि आप महान नेता हैं. जब मैं यह कहता हूं तो कुछ लोग पसंद नहीं करते, लेकिन मैं फिर भी कहता हूं क्योंकि यह सच है.”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने जिनपिंग को एक महान देश का महान नेता बताया. उन्होंने ट्रंप ने स्वागत समारोह की भी तारीफ की. राष्ट्रपति ट्रंप ने बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम और चीन की सेना की व्यवस्था को ‘असाधारण’ और ‘बेमिसाल’ बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें चीन के लिए बहुत सम्मान है.

 

राष्ट्रपति शी के साथ अपनी मुलाकात के दौरान यहां दिए गए भाषण में ट्रंप ने कहा, “इस शानदार स्वागत के लिए एक बार फिर धन्यवाद राष्ट्रपति शी. आज रात मुझे आपको और मैडम पेंग को इस 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में हमारे यहां आने का निमंत्रण देते हुए गर्व महसूस हो रहा है. हम इस दौरे का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. अब मैं अपना ग्लास उठाकर अमेरिकी और चीनी लोगों के बीच के समृद्ध और मज़बूत रिश्तों के सम्मान में एक टोस्ट पेश करना चाहूंगा.”

ट्रंप ने कहा, “यह एक बहुत ही खास रिश्ता है और मैं एक बार फिर आपका धन्यवाद करना चाहता हूं. यह समय बहुत ही शानदार रहा है.”

तारीफ टपकते शब्दों से हैरानी

ट्रंप की यह तारीफ मुख्य रूप से कूटनीतिक रणनीति है, न कि सच्ची दोस्ती या चीन की तारीफ. ट्रंप हमेशा से ‘पर्सनल केमिस्ट्री’ और चापलूसी का इस्तेमाल करके दूसरे नेताओं से बेहतर डील निकालने की कोशिश करते हैं.

गौरतलब है कि पिछले एक साल में ट्रंप ने चीन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर कई मौकों पर तीखे हमले किए. इस टकराव का मुख्य मुद्दा टैरिफ और फेंटेनाइल संकट रहा. ट्रंप ने चीन को अमेरिका में नशीली दवाओं के रसायनों की आपूर्ति का जिम्मेदार ठहराया.

फरवरी 2025 में ट्रंप ने फेंटेनाइल से जुड़े 10% टैरिफ लगाए, जिन्हें बाद में 20% तक बढ़ा दिया. उन्होंने कहा कि चीन जानबूझकर अमेरिकियों को ‘नशीली दवाओं’ के ट्रैप में धकेल रहा है. जिससे रोज सैकड़ों मौतें हो रही हैं.

ट्रंप ने चीन को ‘अनुचित व्यापार’ करने वाला, समझौतों का उल्लंघन करने वाला और अमेरिकी टेक्नोलॉजी चुराने वाला देश बताया. उन्होंने शी जिनपिंग को ‘बहुत कठिन’ और ‘सौदा करने में मुश्किल’ नेता बताया.

कभी चाइना वायरस कहकर चिढ़ाते थे ट्रंप

2020 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार चीन को कोविड-19 महामारी के लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने वायरस को ‘चाइना वायरस’ या ‘वुहान वायरस’ नाम दिया और कहा कि यह चीन से आया है.

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