Oasis News
इंटरनेशनलचर्चा आज कीलेटेस्ट न्यूज

अमेरिका ने ईरान पर कसा शिकंजा, नए प्रतिबंधों से तेहरान को बड़ा झटका-

 

अमेरिका ने ईरान पर कसा शिकंजा, नए प्रतिबंधों से तेहरान को बड़ा झटका

देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरानी सुरक्षा अधिकारियों पर कार्रवाई, अली लारीजानी भी निशाने पर

वॉशिंगटन/तेहरान।
ईरान में बिगड़ती अर्थव्यवस्था और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका ने ईरानी शासन के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए नए प्रतिबंधों की घोषणा कर दी है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने कई ईरानी सुरक्षा अधिकारियों और संस्थानों पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे तेहरान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग और ट्रेजरी विभाग ने 15 जनवरी 2026 को जारी आधिकारिक बयानों में बताया कि यह कार्रवाई ईरान में मानवाधिकारों के उल्लंघन और प्रदर्शनकारियों पर हिंसक दमन के जवाब में की गई है।

अली लारीजानी समेत कई अधिकारी प्रतिबंधों की चपेट में

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों में सुप्रीम काउंसिल फॉर नेशनल सिक्योरिटी (SCNS) के सचिव अली लारीजानी प्रमुख नाम हैं। अमेरिका का आरोप है कि लारीजानी ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निर्देश पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग की वकालत की

इसके अलावा, ईरान के शैडो बैंकिंग नेटवर्क से जुड़े 18 व्यक्तियों और संस्थानों को भी प्रतिबंध सूची में शामिल किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ये नेटवर्क ईरानी पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल बिक्री से होने वाली आय की मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त हैं।

मानवाधिकार उल्लंघनों का हवाला

अमेरिकी विदेश विभाग के बयान में कहा गया कि
“ईरान के बहादुर नागरिक अपने बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन शासन उन्हें हिंसा और क्रूर दमन के जरिए कुचलने का प्रयास कर रहा है।”

बयान में कुख्यात फरदीस जेल का भी जिक्र किया गया, जहां महिलाओं के साथ क्रूर, अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार की रिपोर्ट्स सामने आई हैं।

‘ईरानी जनता के साथ खड़ा है अमेरिका’

अमेरिका ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई नेशनल सिक्योरिटी प्रेसिडेंशियल मेमोरेंडम-2 (2025) के तहत की गई है। अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि वह ईरानी जनता के साथ खड़ा है, जो आर्थिक संकट, मुद्रा अवमूल्यन और राजनीतिक दमन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध कर रही है।

ईरानी शासन को चेतावनी

अमेरिका ने ईरानी शासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि
जब तक दमन जारी रहेगा, ईरान को वैश्विक वित्तीय और बैंकिंग प्रणाली से और अलग किया जाता रहेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि नए प्रतिबंध ऐसे समय पर लगाए गए हैं, जब दिसंबर 2025 से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल चुके हैं, और इससे ईरान की पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है।

Related posts

ईरान जंग की सबसे बड़ी खबर, 49 दिन बाद पूरी तरह खोला गया होर्मुज स्ट्रेट, ईरानी विदेश मंत्री का ऐलान

oasisadmin

World Cup Qualifiers में भारतीय टीम के साथ अधिकारी की मौजूदगी बनी विवाद का कारण

oasisadmin

Exclusive interview with His Excellency Abdallah M. Abu Shawesh State of Palestine to India

oasisadmin

Leave a Comment