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सबरीमाला मंदिर गबन मामला: ईडी का बड़ा एक्शन

**सबरीमाला मंदिर गबन मामला: ईडी का बड़ा एक्शन

केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 21 ठिकानों पर छापेमारी**

कोच्चि से शुरू हुआ बहु-राज्यीय छापेमारी अभियान

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कोच्चि जोनल ऑफिस ने मंगलवार को सबरीमाला मंदिर से जुड़े सोने और अन्य कीमती संपत्तियों के कथित गबन के मामले में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया।
ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में कुल 21 ठिकानों पर तलाशी ली।

केरल पुलिस की FIR के बाद ईडी की एंट्री

यह कार्रवाई केरल पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज दो एफआईआर के आधार पर शुरू की गई जांच का हिस्सा है।
एफआईआर में त्रावणकोर देव स्थानम बोर्ड (TDB) के वरिष्ठ अधिकारियों, पूर्व प्रशासकों, निजी व्यक्तियों और जौहरियों की मिलीभगत से रची गई सुनियोजित आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है।

‘तांबे की प्लेट’ बताकर गबन किया गया मंदिर का सोना

ईडी की प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी के अनुसार,
सबरीमाला मंदिर की सोने की परत चढ़ी पवित्र कलाकृतियों को आधिकारिक रिकॉर्ड में जानबूझकर केवल ‘तांबे की प्लेट’ के रूप में दर्ज किया गया।

किन कलाकृतियों को किया गया गायब?

जांच में सामने आया है कि जिन वस्तुओं को कथित रूप से गुप्त रूप से हटाया गया, उनमें शामिल हैं:

  • द्वारपालक मूर्तियों के हिस्से

  • पीठ (पेडेस्टल)

  • गर्भगृह के दरवाजे के फ्रेम पैनल

इन सभी पर सोने की परत चढ़ी हुई थी, लेकिन दस्तावेजों में उन्हें कम मूल्य की धातु बताकर दर्ज किया गया।

2019 से 2025 के बीच रची गई साजिश

ईडी के मुताबिक, यह कथित गबन 2019 से 2025 के बीच सुनियोजित तरीके से किया गया।
इस अवधि में पवित्र कलाकृतियों को मंदिर परिसर से गुप्त रूप से हटाया गया, ताकि किसी को शक न हो।

ईडी की जांच में क्या है अगला कदम?

सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान:

  • अहम दस्तावेज

  • डिजिटल सबूत

  • वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड
    जब्त किए गए हैं।
    ईडी अब पैसे के लेन-देन, सोने की बिक्री और इसमें शामिल नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

आस्था और विश्वास से जुड़ा मामला

सबरीमाला मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में इस मामले ने धार्मिक संस्थानों की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

निष्कर्ष

ईडी की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि सबरीमाला मंदिर से जुड़े कथित गबन मामले में जांच का दायरा और बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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