Saayoni Ghosh:काबा मदीना गाने के बाद चर्चा में आईं TMC सांसद सायोनी घोष बड़ा फैसला लेने की तैयारी कर रही हैं। अटकलें हैं कि वह भी जल्द ही तृणमूल कांग्रेस के बागी सदस्यों के समूह में शामिल हो सकती हैं। फिलहाल, उन्होंने इसपर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है। खबरें थीं कि करीब 20 सांसद अलग गुट बनाकर TMC दल का दावा कर सकते हैं, जिसकी प्रमुख काकोली घोष दस्तीदार बताई जा रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि घोष को लगता है कि तृणमूल कांग्रेस में अब कोई भविष्य नहीं बचा है। उनस जुड़े एक करीबी सूत्र ने कहा है कि नाराजगी की सबसे बड़ी वजह पार्टी नेतृत्व से समर्थन नहीं मिलना था। दरअसल, वह चुनाव प्रचार के दौरान विपक्ष के निशाने पर आ गईं थीं। कहा जा रहा है कि उस दौरान उनके साथ कोई नेता नहीं था।
खास बात है कि 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद घोष ने टीएमसी में बने रहने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने बंगाल की जनता का जनादेश स्वीकार किया था।
उन्होंने कहा था, ‘मैं भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में बंगाल की जनता के फैसले को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करती हूं। मैं बंगाल की ‘मां माटी मानुष’ को धन्यवाद देती हूं, जो हर अच्छे-बुरे वक्त में हमारे साथ खड़ी रही। एक चुने हुए प्रतिनिधि के रूप में जाधवपुर लोकसभा के लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध रहते हुए, मैं बिना किसी डर और गर्व के साथ अपने नेता ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहूंगी। लोकतंत्र और इस महान देश की एकता की रक्षा के लिए मैं उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हूं…
हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री बनर्जी ने संगठन स्तर पर बदलाव किए थे। उस दौरान सायनी घोष को तृणमूल युवा कांग्रेस का अध्यक्ष और मधुरिमा ठाकुर को महासचिव के रूप में दोबारा नियुक्त किया गया था। जबकि, माला रॉय को महिला तृणमूल कांग्रेस का अध्यक्ष नामित किया गया और प्रियंका अधिकारी को तृणमूल छात्र परिषद का प्रभार दिया गया।

