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ब्लॉगमनोरंजनशेर ए सायरी

नक़ाब में छुपी वो सादगी लाजवाब है,

1.
पर्दानशीं हो तुम, तो क्या कमाल लगता है,
नक़ाब के पीछे भी चेहरा बेमिसाल लगता है।

2.
मुँह ढका है मगर निगाहें बोल जाती हैं,
पर्दानशीं होकर भी दिल चुरा ले जाती हैं।

3.
नक़ाब में छुपी वो सादगी लाजवाब है,
पर्दानशीं रहकर भी हुस्न बेहिसाब है।

4.
चेहरा नहीं दिखता, फिर भी असर रह जाता है,
पर्दानशीं का सुकून दिल में उतर जाता है।

5.
पर्दा हया की पहचान है, ये राज़ समझ लो,
पर्दानशीं में भी मोहब्बत की आवाज़ समझ लो।

6.
कम दिखना कमजोरी नहीं, ये हुनर है जनाब,
पर्दानशीं होकर भी वो रहती है लाजवाब।

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