डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में जनगणना की प्रक्रिया अब शुरू होने जा रही है। बुधवार यानी 1 अप्रैल से जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू होने जा रहा है। इस बार जनगणना का तरीका पहले से काफी अलग होगा।
यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी और मकानों की गिनती में जियो-रेफरेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि हर घर की लोकेशन सीधे डिजिटल मैप पर दर्ज हो सके। सरकार की मानें तो इससे न तो कोई मकान छूटेगा और न ही किसी घर की गिनती दो बार होगी।
कितने सालों बाद होगी जातिगत जनगणना?
पहले चरण में हाउस लिस्टिंग होगी, यानी मकानों और घरों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जोकि फरवरी 2027 में शुरू होगा!एक और अहम बात। आजादी के बाद पहली बार जनगणना में जाति से जुड़ा डेटा भी जुटाया जाएगा। इससे पहले ऐसा 1931 की जनगणना में हुआ था।
जनगणना 2027 की प्रक्रिया क्या है?
इस बार लोगों को एक नया विकल्प भी दिया गया है, जिसका नाम है- सेल्फ एन्यूमरेशन (स्व-गणना) यानी चाहें तो आप खुद भी अपने घर की जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। इसके लिए पोर्टल se.census.gov.in पर जाना होगा।

