Oasis News
ब्लॉगमनोरंजनशेर ए सायरी

अश्कों से भीगी चांदनी में जब हम खुद को देखते हैं तो वो मंजर आंखों में उभर आता है

अश्कों से भीगी चांदनी में जब हम खुद को देखते हैं तो वो मंजर आंखों में उभर आता है

ना तुम कभी कुछ कह पाए
ना हम कभी कुछ सुन पाए
एक उम्मीद में बिता दिया ये जीवन हमने
कभी तो तुम कुछ बोलोगे 
कभी तो हम कुछ सुनेंगे

Related posts

Dharmendra Death News Live Updates: अलविदा ही-मैन: पंचतत्व में विलीन हुए धर्मेंद्र, सदमे में पूरा बॉलीवुड, अमिताभ, अभिषेक, संजय दत्त पहुंचे थे श्मशान घाट

oasisadmin

झुग्गियों में बनते है भगवान मंदिरों में बसते है और इन्हीं हाथों को मंदिर में जाने नहीं दिया जाता

oasisadmin

Dhurandhar Worldwide Collection: ‘स्त्री’ के लिए काल बनी धुरंधर! संडे को रणवीर सिंह की फिल्म ने उड़ाया गर्दा

oasisadmin

Leave a Comment