Oasis News
इंटरनेशनल

अमेरिका का साथ लेकर क्या इराक़ अपना पाला बदल रहा है?

मई में सत्ता संभालने के बाद से इराक़ के प्रधानमंत्री अली ज़ैदी ने काफ़ी सक्रिय कूटनीति अपनाई है. उन्होंने कुछ ही हफ़्तों के अंतराल में वॉशिंगटन, तेहरान और अंकारा का दौरा किया है.

उन्होंने पहले तय यात्रा स्थगित होने के बाद सऊदी अरब जाने की भी तैयारी की है.

इन कूटनीतिक गतिविधियों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बग़दाद अपनी विदेश नीति पर पुनर्विचार कर रहा है.

यह नीति कई वर्षों तक अमेरिका और ईरान की प्रतिस्पर्धा और प्रभाव से प्रभावित रही थी.

अली ज़ैदी एक तरफ़ अमेरिका के साथ आर्थिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी तरफ़ उन्होंने तेहरान को भरोसा दिलाया है कि इराक़ की ज़मीन ईरान के ख़िलाफ़ किसी ख़तरे का आधार नहीं बनेगी.

साथ ही, तुर्की और सऊदी अरब की उनकी यात्राएं दिखाती हैं कि बग़दाद क्षेत्रीय साझेदारियों को बढ़ाना चाहता है. उसका लक्ष्य बाहरी शक्तियों पर अपनी निर्भरता कम करना भी है.

अमेरिका के साथ संबंध एक नए दौर में

अली ज़ैदी ने अपने पहले विदेशी दौरे के लिए वॉशिंगटन को चुना. वह 13 से 18 जुलाई तक अमेरिका में रहे और इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिले.

यह फ़ैसला अपने आप में महत्वपूर्ण माना गया.

अमेरिकी वित्तपोषित नेटवर्क ‘अलहुर्रा’ के अनुसार, ईरान ने ज़ैदी को समझाने की कोशिश की थी कि वह वॉशिंगटन जाने से पहले तेहरान आएं. लेकिन उन्होंने पहले अमेरिका जाने पर ज़ोर दिया.

इस यात्रा के दौरान अमेरिकी कंपनियों के साथ लगभग 48 समझौते और सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर हुए. इनमें ख़ासतौर पर ऊर्जा क्षेत्र शामिल था.

बग़दाद अब उन रिश्तों को नई दिशा देना चाहता है जो पहले मुख्य रूप से सुरक्षा मामलों तक सीमित थे. अब निवेश, ऊर्जा और व्यापार पर ज़ोर दिया जा रहा है.

ज़ैदी ने इसे “संकट प्रबंधन” से “अवसर निर्माण” की ओर बढ़ना बताया.

इन समझौतों में तेल, गैस, बिजली, दूरसंचार और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्र शामिल थे.

यह यात्रा ऐसे समय हुई जब अमेरिका अब भी इराक़ पर ईरान समर्थक सशस्त्र समूहों को नियंत्रित करने का दबाव बना रहा है.

ज़ैदी ने इन समूहों को निरस्त्र करना अपनी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया है.

उन्होंने कहा कि सितंबर में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के मिशन की समाप्ति के बाद “सशस्त्र प्रतिरोध” की आवश्यकता भी समाप्त होनी चाहिए.

Related posts

E-News Paper- 2

oasisadmin

फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भीषण भूकंप, 37 लोगों की मौत

oasisadmin

पर्यटन अब राष्ट्रीय विकास का केंद्र: गजेन्द्र सिंह शेखावत की प्रमुख बातें SATTE 2026 में

oasisadmin

Leave a Comment