धुरंधर’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की ब्लॉकबस्टर सफलता का जश्न मना रहे रणवीर सिंह को ‘डॉन 3’ से किनारा करना काफी भारी पड़ा है। शूटिंग से ऐन पहले फिल्म छोड़ने को लेकर रणवीर चौतरफा घिर चुके हैं। महीनों से चल रहा विवाद इंडस्ट्री के सबसे बड़े संगठन ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने इंप्लॉइज’ (FWICE) के दर पर पहुंचा। फिल्म के निर्माता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की शिकायत पर फेडरेशन ने रणवीर सिंह के खिलाफ ‘नॉन कोऑपरेशन’ का निर्देश जारी किया है। इसका सीधा सा मतलब है कि इस संगठन से जुड़े सदस्य, जिसमें डायरेक्टर, कैमरामैन, लाइटमैन, एडिटर, आर्ट डायरेक्टर और स्पॉट बॉयज तक शामिल हैं, रणवीर के साथ काम नहीं करेंगे। फेडरेशन का दावा है कि उनके साथ कुल 4 लाख से अधिक सिने एम्प्लॉइज जुड़े हुए हैं। ऐसे में अब एक्टर की अगली फिल्म ‘प्रलय’ पर भी संकट गहरा सकता है, जिसके वो प्रोड्यूसर भी हैं। एक तरफ जहां इस विवाद पर नए सिरे से बहस छिड़ गई है, वहीं रणवीर सिंह ने आधिकारिक तौर पर ‘सम्मान’ करते हुए ‘कुछ नहीं कहने’ का फैसला किया है। डॉन’ बॉलीवुड की एक सुपरहिट फ्रेंचाइज है। सबसे पहले 1978 में महानायक अमिताभ बच्चन ने इस किरदार को पर्दे पर गढ़ा था। फिर 2006 और 2011 में शाहरुख खान ने इसे पर्दे पर जिंदा किया। जब फरहान अख्तर ने साल 2023 में ऐलान किया कि वह रणवीर सिंह को लेकर अपनी चर्चित ‘डॉन फ्रेंचाइजी’ में ला रहे हैं, तो इसकी खूब आलोचना भी हुई। खासकर शाहरुख खान के फैंस नाराज हुए। लेकिन कथित तौर पर ‘धुरंधर’ की ब्लॉकबस्टर होने के बाद अचानक रणवीर ने खुद ही फिल्म छोड़ दी। कहा गया कि वह स्क्रिप्ट से संतुष्ट नहीं थे, पर जल्द ही मामले ने तूल पकड़ लिया।
ऐसा नहीं है कि ‘डॉन 3’ के निर्माता सीधे FWICE पहुंचे। वह पहले इसकी शिकायत लेकर ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ पहुंचे थे। गुहार लगाई कि उन्हें रणवीर के फिल्म छोड़ने से 45 करोड़ का नुकसान हुआ। उन्हें इसका हर्जाना मिलना चाहिए। लेकिन मामला बेनतीजा रहा, जिसके बाद वे FWICE पहुंचे। मेकर्स का दावा है कि रणवीर सिंह ने जब फिल्म छोड़ने का फैसला लिया, तब तक सेट बन चुके थे। बाकी क्रू अपना काम कर रही थी। ऐसे में सीधा-सीधा नुकसान मेकर्स का हुआ है।

