Oasis News
इंटरनेशनललेटेस्ट न्यूज

मिडिल ईस्ट में ईरान का दबदबा, ट्रंप की रणनीति पर पड़ा असर

डोनाल्ड ट्रंप अपने आक्रामक फैसलों और सख्त बयानों के लिए जाने जाते रहे हैं, लेकिन ईरान के मामले में सीधे सैन्य टकराव से बचना कई बार देखा गया। इसके पीछे ईरान की कुछ रणनीतिक ताक़तें अहम मानी जाती हैं:

1️⃣ मिसाइल शक्ति और जवाबी हमला

ईरान के पास हज़ारों बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलें हैं, जो मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सहयोगी देशों को निशाना बना सकती हैं। किसी भी हमले का तुरंत और व्यापक जवाब तय माना जाता है।

2️⃣ होर्मुज़ जलडमरूमध्य का नियंत्रण

दुनिया के लगभग 20% तेल की सप्लाई होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरती है।
ईरान इस मार्ग को बाधित करने की क्षमता रखता है, जिससे

  • वैश्विक तेल कीमतें आसमान छू सकती हैं

  • अमेरिका और उसके सहयोगियों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है

3️⃣ प्रॉक्सी नेटवर्क (Proxy Power)

ईरान सीधे युद्ध के बजाय हिज़्बुल्लाह (लेबनान),
हूती (यमन),
इराक और सीरिया के मिलिशिया ग्रुप्स के जरिए दबाव बना सकता है।
इससे युद्ध पूरे मिडिल ईस्ट में फैलने का खतरा रहता है।

4️⃣ राजनीतिक और चुनावी दबाव

ट्रंप का “America First” एजेंडा

  • लंबा युद्ध नहीं

  • अमेरिकी सैनिकों की हानि नहीं
    पर आधारित रहा।
    ईरान से जंग का मतलब महंगा, अनिश्चित और अलोकप्रिय युद्ध होता।

5️⃣ परमाणु कार्यक्रम का डर

हालांकि ईरान परमाणु हथियार से इनकार करता है, लेकिन उसका न्यूक्लियर नॉलेज और यूरेनियम एनरिचमेंट अमेरिका के लिए बड़ा रणनीतिक रिस्क रहा।


निष्कर्ष

👉 ईरान की सैन्य नहीं, बल्कि रणनीतिक ताक़त
👉 युद्ध को क्षेत्रीय संकट में बदल देने की क्षमता
👉 और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डालने का जोखिम

इन सब वजहों से माना जाता है कि ट्रंप ने सीधी जंग के बजाय दबाव, प्रतिबंध और बयानबाज़ी का रास्ता चुना।

Related posts

T20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच पर पाकिस्तान का विचार

oasisadmin

न सऊदी, न अमेरिका! भारत को तेल बेचने में इस देश ने मारी बाजी

oasisadmin

ईरानी सेना ने कहा वो इसराइल पर हमले रोक रही है, लेकिन साथ ही दी एक चेतावनी

oasisadmin

Leave a Comment