Oasis News
इंटरनेशनललेटेस्ट न्यूज

ग्रीनलैंड ‘गिफ्ट’ विवाद: ट्रंप की बातों पर उठे सवाल

दावोस में डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर इतिहास क्या कहता है**

दावोस से उठा विवादित बयान

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में एक बयान देकर अंतरराष्ट्रीय बहस छेड़ दी। ट्रंप ने दावा किया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड डेनमार्क को वापस कर दिया, और इसे उन्होंने “मूर्खतापूर्ण फैसला” करार दिया।

ट्रंप के दावे की सच्चाई क्या है?

हालांकि ऐतिहासिक दस्तावेज और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड ट्रंप के इस दावे की पुष्टि नहीं करते। इतिहासकारों के अनुसार ग्रीनलैंड कभी भी अमेरिका की संप्रभु संपत्ति नहीं रहा, इसलिए उसे ‘वापस करने’ या ‘गिफ्ट’ देने का सवाल ही नहीं उठता।

ग्रीनलैंड का वास्तविक इतिहास

ग्रीनलैंड लंबे समय से डेनमार्क के अधीन क्षेत्र रहा है।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सुरक्षा कारणों से अमेरिका ने ग्रीनलैंड में सैन्य ठिकाने बनाए थे, लेकिन इससे स्वामित्व में कोई बदलाव नहीं हुआ।

युद्ध समाप्त होने के बाद भी ग्रीनलैंड की संप्रभुता डेनमार्क के पास ही रही।

अमेरिका की भूमिका क्या थी?

अमेरिका ने केवल सैन्य और रणनीतिक सहयोग के तहत ग्रीनलैंड में मौजूदगी बनाए रखी थी। यह मौजूदगी किसी क्षेत्रीय अधिग्रहण या स्वामित्व परिवर्तन का संकेत नहीं थी।

पहले भी सामने आ चुका है ग्रीनलैंड विवाद

गौरतलब है कि ट्रंप अपने कार्यकाल के दौरान भी ग्रीनलैंड को खरीदने का सुझाव दे चुके हैं, जिसे डेनमार्क ने सिरे से खारिज कर दिया था। उस समय भी यह मुद्दा वैश्विक सुर्खियों में रहा।

निष्कर्ष

दावोस में दिया गया ट्रंप का बयान ऐतिहासिक तथ्यों से मेल नहीं खाता। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार ग्रीनलैंड कभी अमेरिका की संपत्ति नहीं था, बल्कि वह डेनमार्क का ही क्षेत्र रहा है। ऐसे में ‘गिफ्ट’ या ‘वापसी’ का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत माना जा रहा है।

Related posts

DR. A. Angappan @ Arun | National Young Leader Award | Oasis World Records

oasisadmin

गुरुग्राम में आयोजित किया गया रामकृष्ण मिशन

oasisadmin

श्री अमित शाह ने बिहार में सिवान और बक्सर में आयोजित विशाल जनसभाओं में महागठबंधन पर जम कर हमला बोला।

oasisadmin

Leave a Comment