ओवल टेस्ट मैच में ग्लेन फिलिप्स की बैटिंग से ज्यादा चर्चा उनके अंदाज की हो रही है. काला चश्मा पहनकर जोफ्रा आर्चर के खिलाफ उन्होंने जिस तरह बल्लेबाजी की, वो दर्शनीय था. फिलिप्स क्रिकेट जगत के बेहतरीन फील्डर्स में शुमार किए जाते हैं.
इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच द ओवल में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन (17 जून) एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने क्रिकेट फैन्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. न्यूजीलैंड के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन फिलिप्स अपने अनोखे अंदाज की वजह से चर्चा में रहे. फिलिप्स मैदान पर काला चश्मा पहनकर बल्लेबाजी करने उतरे और फिर इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की खतरनाक बाउंसरों का डटकर सामना किया.
पहले दिन का खेल खत्म होने तक न्यूजीलैंड ने 7 विकेट पर 291 रन बनाए थे. फिलिप्स 49 रन बनाकर नाबाद लौटे और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. हालांकि उनकी पारी सिर्फ रन बनाने के लिए नहीं, बल्कि मैदान पर हुए दिलचस्प घटनाक्रमों के लिए भी याद रखी जाएगी.
न्यूजीलैंड की पहली पारी के 67वें ओवर में ग्लेन फिलिप्स ने ड्रेसिंग रूम से सनग्लासेस मंगवाए. दरअसल, सूरज की रोशनी साइट स्क्रीन से टकराकर उनकी आंखों में पड़ रही थी, जिससे उन्हें गेंद देखने में परेशानी हो रही थी. चश्मा पहनकर बल्लेबाजी करने का उनका फैसला तुरंत चर्चा का विषय बन गया. लेकिन असली चुनौती अभी बाकी थी
.इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने जोफ्रा आर्चर को एक और स्पेल के लिए गेंद थमाई. इससे पहले ग्लेन फिलिप्स डेब्यू कर रहे सॉनी बेकर के खिलाफ कुछ शानदार शॉट खेल चुके थे. आर्चर ने आते ही फिलिप्स को शॉर्ट-पिच गेंदों से निशाना बनाना शुरू कर दिया. चश्मा पहनने के बाद फिलिप्स को पहली ही गेंद कंधे पर लगी. इसके बाद आर्चर लगातार तेज बाउंसर फेंकते रहे. एक गेंद इतनी तेजी से उनके सिर के पास से निकली कि फिलिप्स संतुलन खो बैठे और पिच पर गिर गए

