Oasis News
इंटरनेशनललेटेस्ट न्यूज

ईरान में 10 दिन से इंटरनेट बंद, 9 करोड़ लोग दुनिया से कटे; स्थायी प्रतिबंध की आशंका गहराई

ईरान में 10 दिन से इंटरनेट बंद, 9 करोड़ लोग दुनिया से कटे; स्थायी प्रतिबंध की आशंका गहराई

ईरान में इंटरनेट शटडाउन को दस दिन पूरे हो चुके हैं, जिससे यह देश के इतिहास के सबसे लंबे इंटरनेट बंद दौरों में से एक बन गया है। इस अभूतपूर्व कदम के कारण 9 करोड़ से अधिक नागरिक इंटरनेट सेवाओं से पूरी तरह कट गए हैं। हालात ऐसे हैं कि केवल इंटरनेट ही नहीं, बल्कि फ़ोन कॉल और टेक्स्ट मैसेजिंग सेवाएं भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं।

8 जनवरी से ठप हैं इंटरनेट सेवाएं

ईरानी सरकार ने 8 जनवरी को अचानक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं। माना जा रहा है कि इसके पीछे मुख्य उद्देश्य

  • देश में बढ़ते जन-असंतोष और विरोध प्रदर्शनों को दबाना,

  • और सरकारी कार्रवाई की तस्वीरें व जानकारियां दुनिया तक पहुंचने से रोकना था।

इंटरनेट बंद होने से आम नागरिकों के साथ-साथ

  • मीडिया,

  • व्यापार,

  • स्वास्थ्य सेवाएं
    और आपातकालीन संचार व्यवस्थाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

सरकार का दावा: ‘आतंकवादी अभियानों’ को रोकने की कोशिश

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने इंटरनेट शटडाउन का बचाव करते हुए कहा है कि यह कदम बाहर से संचालित हो रहे “आतंकवादी अभियानों” को रोकने के लिए उठाया गया। सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल देश को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा था।

कब बहाल होगा इंटरनेट? सरकार खामोश

ईरानी सरकार ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इंटरनेट सेवाएं कब बहाल की जाएंगी। इस चुप्पी ने आम लोगों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

स्थायी प्रतिबंध की अटकलें तेज

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मीडिया और नई रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि पर्दे के पीछे ईरानी अधिकारी इंटरनेट को स्थायी रूप से प्रतिबंधित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह ईरान में

  • सूचना की स्वतंत्रता

  • और डिजिटल अधिकारों

पर अब तक का सबसे बड़ा हमला माना जाएगा।

वैश्विक चिंता

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि लंबे समय तक इंटरनेट बंद रखना

  • अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता,

  • नागरिक अधिकारों
    और

  • मानवीय संचार

का गंभीर उल्लंघन है। ईरान में जारी यह शटडाउन अब सिर्फ तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और मानवाधिकार संकट बनता जा रहा है।

👉 फिलहाल, 9 करोड़ से ज्यादा लोग इंतजार में हैं कि सरकार कब इंटरनेट बहाल करेगी, लेकिन मौजूदा संकेत बताते हैं कि यह संकट और लंबा खिंच सकता है।

Related posts

भारत की GDP 7.8% बढ़ी, अनुमान से बेहतर प्रदर्शन

oasisadmin

UNICEF Paid Internship 2026: छात्रों और युवा पेशेवरों के लिए अंतरराष्ट्रीय करियर का सुनहरा अवसर

oasisadmin

ग्रीनलैंड संकट: 6 देशों के 187 सैनिक और अमेरिका-यूरोप तनाव — 

oasisadmin

Leave a Comment