Oasis News
इंटरनेशनल

ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते से भारत को कितने फ़ायदे होंगे?

मध्य पूर्व में फ़रवरी के आख़िर से जारी जंग के ख़त्म होने की उम्मीदें आख़िर अब पूरी होती दिख रही हैं.

पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान ने घोषणा की है कि दोनों देश जंग ख़त्म करने को लेकर एक समझौते पर पहुंच गए हैं. शुक्रवार को स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में इस समझौते पर हस्ताक्षर होने हैं.

इस समझौते की सटीक रूपरेखा अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है.

हालांकि ईरान के सरकारी मीडिया का कहना है कि इस समझौते की शर्तों में प्रतिबंधों को ख़त्म करना, ईरान का परमाणु हथियारों को न बनाने का वादा करना और 30 दिनों के अंदर होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलना शामिल है.

ईरानी उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा है कि 60 दिनों के बाद एक अंतिम समझौते पर बातचीत होगी जहां ईरान “कई मुद्दों को देखा जाना है.”

लेबनान के मुद्दे पर, मध्यस्थ पाकिस्तान का कहना है कि अमेरिका और ईरान दोनों ने “सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने” की घोषणा की है.

वहीं लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ़ औन ने कहा कि उनके देश के लोग “ऐसे व्यावहारिक क़दमों की उम्मीद कर रहे हैं जो हिंसा के इस चक्र को हमेशा के लिए समाप्त कर दें.”

हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि रूपरेखा की इस शर्त का इसराइल और ईरान समर्थित सशस्त्र राजनीतिक संगठन हिज़्बुल्लाह पालन करेंगे या नहीं.

इसराइल के रक्षा मंत्री का कहना है कि उनकी सेना लेबनान में बनी रहेगी, जबकि ईरान ने सभी सैन्य कार्रवाइयों को “पूरी तरह रोकने” की मांग की है.

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर सहमति बनने पर दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं आई हैं.

 

ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि वे अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर ‘इस मौक़े का सदुपयोग’ करने के लिए काम करेंगे.

Related posts

Thailand School Shooting: 14 वर्षीय छात्र ने 7 लोगों की ली जान |

oasisadmin

UNICEF Paid Internship 2026: छात्रों और युवा पेशेवरों के लिए अंतरराष्ट्रीय करियर का सुनहरा अवसर

oasisadmin

हम आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ’, पहलगाम हमले की पहली बरसी पर ऑस्ट्रेलिया ने पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि

oasisadmin

Leave a Comment