मध्य पूर्व आज बहुत बड़े संकट में फंसा हुआ है. फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े हमले शुरू किए थे. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई. ईरान ने जवाब में इजरायल, अमेरिकी बेसों पर और खाड़ी देशों पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए. सबसे बड़ा कदम ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है.
यह दुनिया के तेल का बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है. यहां से दुनिया का 20-25 प्रतिशत तेल गुजरता है. मई 2026 के शुरू में स्थिति और खराब हो गई है. ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर हमले किए हैं. अमेरिका ने प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू किया है ताकि फंसे हुए जहाजों को निकाला जा सके. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे मिनी वॉर बता रहे हैं.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है. यह रास्ता बहुत संकरा है. सऊदी अरब, इराक, कुवैत, यूएई जैसे देशों का ज्यादातर तेल इसी रास्ते से निकलता है. अगर यह बंद रहता है तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बहुत बढ़ जाती हैं।
ईरान ने 28 फरवरी 2026 को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया। उसने जहाजों पर हमले किए, समुद्र में माइन्स बिछाए और दुश्मन देशों के जहाजों को गुजरने नहीं दिया. इससे सैकड़ों जहाज फंस गए. तेल की कीमतें आसमान छू गईं. एशिया के कई देशों में ईंधन की कमी हो गई और महंगाई बढ़ गई.
मई 2026 में अमेरिका ने प्रोजेक्ट फ्रीडम या ऑपरेशन लिबर्टी शुरू किया. इसके तहत अमेरिकी नौसेना फंसे हुए जहाजों को निकालने के लिए एस्कॉर्ट कर रही है. अमेरिका ने हजारों सैनिक, डेस्ट्रॉयर जहाज और सैकड़ों एयरक्राफ्ट तैनात किए.
4 मई 2026 को ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए. ईरान का दावा है कि उसने अमेरिकी जहाजों को रोका. अमेरिका ने इसे खारिज किया और कहा कि उसने ईरानी छोटी नावों को नष्ट कर दिया. अमेरिकी सेना ने 6 से 7 ईरानी फास्ट बोट्स डुबो दीं. UAE पर भी ईरानी हमले हुए. ट्रंप ने इसे मिनी वॉर कहा.

