आम आदमी पार्टी (आप) को अब तक का सबसे बड़ा झटका देने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और अरविंद केजरीवाल के दल के बीच इन दिनों आरोप-प्रत्यारोप चरम पर है। शुक्रवार को ‘आप’ के संसदीय दल में टूट का ऐलान करने वाले राघव चड्ढा जहां अपनी पुरानी पार्टी को कोस रहे हैं तो दूसरी तरफ से उन्हें एहसान गिनाते हुए ‘गद्दार’ के रूप में पेश किया जा रहा है। इस बीच आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा की परणीति चोपड़ा से शादी का भी क्रेडिट ले लिया है।
दरअसल, राघव चड्ढा ने सोमवार को एक बार फिर एक वीडियो मैसेज के जरिए बताया कि क्यों उन्होंने इतना बड़ा फैसला लिया। राघव ने कहा कि वह सीए का करियर छोड़कर राजनीति में आए और एक पार्टी के संस्थापक सदस्य बने। पार्टी को 15 साल दिए और खून पसीने से सींचा। उन्होंने कहा कि अब पार्टी का माहौल जहरीला हो गया है और कुछ भ्रष्ट लोगों के हाथ में फंसकर रह गई है जो देश के लिए नहीं अपने फायदे के लिए काम कर रहे हैं। राघव ने कहा कि उनके पास राजनीति छोड़ने, पार्टी में रहकर चीजें ठीक करने और अपनी ऊर्जा का प्रयोग सकारात्मक राजनीति के तीन विकल्प थे। राघव ने कहा कि इस दौरान माहौल खराब होने पर नौकरी बदलने का उदाहरण देते हुए कहा, ‘आप जहां नौकरी करते हैं वहां का माहौल यदि जहरीला हो जाए, अगर आपको वहां काम करने से रोका जाए, आपकी मेहनत को दबाया जाए, चुप कराया जाए तो आप क्या काम कर पाएंगे। ऐसे में कार्यस्थल को बदलना ही बेहतर होता है।’
राघव चड्ढा के इस वीडियो का जवाब देने के लिए ‘आप’ के नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज भी वीडियो के जरिए ही हाजिर हुए। उन्होंने भाजपा में शामिल हो चुके चड्ढा को जवाब देते हुए कहा कि नौकरी बदलते हैं तो विचारधारा का कुछ लेनादेना नहीं होता है, लेकिन पार्टी में विचारधारा की वजह से जुड़ते हैं। भारद्वाज ने यह भी कहा कि कंपनी बदलते समय लोग तीन महीने का नोटिस देते हैं, जो भी नॉलेज है उसका ट्रांजिशन कराते हैं। यह करना दायित्व होता है। नौकरी छोड़ते हुए लोग उसे बर्बाद करने की साजिश नहीं करते हैं। ईडी का शिकंजा कसने पर तय किया कि भाजपा में जाएंगे और किसी को बताया नहीं।

