Oasis News
इतिहासइंस्प्रेशनल स्टोरीनेशनलब्लॉगलेटेस्ट न्यूजसंतो का समागम

युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण : आज के भारत के लिए चाणक्य का संदेश

सुश्री सुषमा

अध्यक्ष, अखंड भारत सेना

 

भारत विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक है। यह वह भूमि है जिसने आचार्य चाणक्य, भगवान बुद्ध, गुरु गोबिंद सिंह, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह और लाल बहादुर शास्त्री जैसे महान व्यक्तित्वों को जन्म दिया। इन महापुरुषों ने अपने विचारों, त्याग और राष्ट्रभक्ति से भारत को नई दिशा प्रदान की।

 

आज जब हम 21वीं सदी के भारत को देखते हैं, तो अनेक उपलब्धियां गर्व का विषय बनती हैं। अंतरिक्ष विज्ञान, डिजिटल प्रौद्योगिकी, वैश्विक अर्थव्यवस्था, शिक्षा, रक्षा और नवाचार के क्षेत्र में भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। दुनिया भारत की ओर आशा और विश्वास के साथ देख रही है।

 

लेकिन एक प्रश्न आज भी हमारे सामने खड़ा है—क्या हम उस भारत का निर्माण कर रहे हैं जिसकी कल्पना हमारे महापुरुषों ने की थी?

 

लगभग 2300 वर्ष पूर्व आचार्य चाणक्य ने एक ऐसे राष्ट्र का स्वप्न देखा था जो शक्तिशाली, संगठित, आत्मनिर्भर और एकजुट हो। उन्होंने सिखाया कि राष्ट्र किसी व्यक्ति, दल या समूह से बड़ा होता है। उन्होंने यह भी बताया कि जब समाज विभाजित होता है तो उसकी शक्ति कमजोर पड़ जाती है।

 

आज भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। करोड़ों युवा देश के भविष्य को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। परंतु यह भी आवश्यक है कि युवा केवल अपने अधिकारों की ही नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों की भी चर्चा करें। राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों या संस्थाओं का कार्य नहीं है; यह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

 

यदि आज चाणक्य हमारे बीच होते, तो संभवतः वे युवाओं से कहते कि अपने ज्ञान, ऊर्जा और सामर्थ्य को राष्ट्रहित में लगाएं। वे युवाओं से आग्रह करते कि जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर भारत की एकता, अखंडता और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

 

आज आवश्यकता केवल सफल व्यक्तियों की नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकों की है। ऐसे युवाओं की है जो रोजगार खोजने के साथ-साथ रोजगार सृजित करने का भी प्रयास करें। ऐसे युवाओं की है जो सोशल मीडिया पर चर्चा करने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक योगदान भी दें।

 

अखंड भारत सेना का मानना है कि भारत का भविष्य युवा शक्ति के हाथों में सुरक्षित है। यदि देश का युवा चरित्र, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सेवा की भावना को अपने जीवन का आधार बना ले, तो भारत को विश्व में अग्रणी राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।

 

मैं देश के सभी युवाओं से आह्वान करती हूं कि वे अपने जीवन में एक ऐसा संकल्प लें जो केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न हो, बल्कि राष्ट्र की उन्नति से भी जुड़ा हो। आइए, हम सब मिलकर ऐसे भारत का निर्माण करें जिस पर आने वाली पीढ़ियां गर्व कर सकें।

 

हम केवल स्वतंत्र भारत के नागरिक न बनें, बल्कि उस भारत के निर्माता बनें जिसके बारे में भविष्य की पीढ़ियां कहें—”हमें अपने पूर्वजों से केवल एक देश नहीं, बल्कि एक महान सपना विरासत में मिला था, और हमने उस सपने को साकार किया।”

 

वंदे मातरम्।

जय हिंद।

 

— सुश्री सुषमा

अध्यक्ष

अखंड भारत सेना

Related posts

चीन-इंडोनेशिया नौसैनिक अभ्यास पर ताइवान की चिंता

oasisadmin

Embassy of the State of Palestine – New Delhi On the 69th Anniversary of the Kafr Qasim Massacre

oasisadmin

UP Board 10th Topper List: सीतापुर की कशिश वर्मा ने किया टॉप, दूसरे नंबर पर ये दो लड़कियां

oasisadmin

Leave a Comment