बिहार में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से पहले ही राज्यसभा सीट सुरक्षित कर ली थी, लेकिन कर्नाटक कांग्रेस में इसी तरह की अटकलें अब थम गई हैं। खबर है कि सिद्धारमैया राज्यसभा नहीं जाएंगे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद, सिद्धारमैया ने गुरुवार को कांग्रेस हाई कमांड द्वारा राज्यसभा सीट के प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया ने पार्टी की बैठक में कहा कि वे वरुणा विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में सक्रिय रहेंगे, जो 2008 से उनके परिवार का गढ़ रहा है, और अपना शेष दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धारमैया ने स्पष्ट कर दिया है कि वे कर्नाटक में ही रहेंगे। उनका दिल्ली जाने का कोई इरादा नहीं है।
बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया की यह रणनीति 2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर ली गई है। अहिंदा (अल्पसंख्यक, हिंदू पिछड़े और दलित) वोट बैंक में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी उन्हें राज्य स्तर पर बनाए रखना चाहती है, जिससे आगामी चुनावों में फायदा हो सके। बता दें कि इस वर्ष कर्नाटक से राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं। इनमें से एक सीट सिद्धारमैया को ऑफर की गई थी। दूसरी सीट पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और तीसरी सीट डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश को दिए जाने की संभावना है।
पिछले तीन वर्षों से चले आ रहे सिद्धारमैया-डीके शिवकुमार के नेतृत्व विवाद को सुलझाने के लिए कांग्रेस ने इस सप्ताह दिल्ली में अलग-अलग और संयुक्त बैठकें कीं। राहुल गांधी ने सिद्धारमैया से कहा कि अब उनके लिए राष्ट्रीय राजनीति का समय आ गया है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने साफ संकेत दिया कि पार्टी अब डीके शिवकुमार को अगला मुख्यमंत्री बनाने जा रही है। यह बदलाव 2028 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले सत्ता विरोधी लहर से निपटने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
बता दें कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच पिछले तीन वर्षों में तनाव रहा है। नवंबर 2025 में सत्ता साझाकरण समझौते की अफवाह भी थी। बुधवार को बेंगलुरु लौटने पर सिद्धारमैया ने कहा था कि मैं कल बोलूंगा। आज सुबह दोनों नेताओं के बीच नाश्ते की बैठक हुई, जिसमें मसाला डोसा, इडली, सांभर, चटनी और केसरीबाथ शामिल थे। गृह मंत्री जी परमेश्वर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक तस्वीर में सिद्धरमैया, शिवकुमार को गले लगाते नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार शिवकुमार, सिद्धरमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेते दिखाई दे रहे हैं।

