कई प्रांतों में सैन्य प्रतिबंध, मानवाधिकार संगठनों ने जताई गहरी चिंता
तेहरान।
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए सरकार और सुरक्षा बलों ने कड़े कदम उठाए हैं। देश के कई जिलों और प्रांतों में भारी सैन्य तैनाती, सार्वजनिक गतिविधियों पर रोक और व्यापक सुरक्षा प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। हालात को नियंत्रण में रखने के नाम पर आकस्मिक गिरफ्तारियां, सामूहिक निष्कासन, और सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगाए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सुरक्षा कार्रवाई का असर केवल प्रदर्शनकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि विरोध करने वाले नागरिकों के परिवारों को भी निशाना बनाया जा रहा है। कई क्षेत्रों में घरों पर छापेमारी, पूछताछ और निगरानी बढ़ा दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन अमनेस्टी इंटरनेशनल ने ईरान सरकार की इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संगठन ने इसे “सख्त और मनमाना दमन” करार देते हुए कहा है कि यह कदम लोकतांत्रिक असहमति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने का प्रयास है।
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हालात ईरान में आंतरिक अस्थिरता को और गहरा सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और ईरान सरकार से संयम बरतने तथा मानवाधिकारों का सम्मान करने की अपील कर रहा है।

