नेतृत्व और प्रशासनिक दृष्टि-
नेतृत्व यहाँ किसी पद या ओहदे का मोहताज नहीं रहा। यह स्वभाव में रचा-बसा गुण है— साथ चलने वालों को समझना, उनकी क्षमताओं को पहचानना, उन्हें सही दिशा देना और आवश्यकता पड़ने पर ढाल बनकर उनके साथ खड़ा रहना। निर्णयों में दृढ़ता है, लेकिन उस दृढ़ता में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टि भी समान रूप से मौजूद है।

“सच्चा नेता वही होता है,
जो भीड़ के आगे नहीं,
भीड़ के साथ चलता है।”

प्रशासनिक दृष्टि अनुशासन, धैर्य और दूरदृष्टि से संचालित रही। सीमित साधनों और अनेक चुनौतियों के बीच एक मजबूत संगठन की नींव रखी गई, जो आगे चलकर Oasis Group के रूप में स्थापित हुआ। यह निर्माण किसी शोर-शराबे या दिखावे का परिणाम नहीं, बल्कि खामोश परिश्रम, स्पष्ट सोच और निरंतर कर्म का सजीव उदाहरण है।


“शोर से नहीं, नींव की मजबूती से
इमारतें खड़ी होती हैं।”
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