‘विकसित भारत’ के संकल्प को और सशक्त करने का आह्वान
नई दिल्ली | 26 जनवरी 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर संबोधित करते हुए देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह पावन दिवस भारत की आन-बान-शान, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की सर्वोच्चता का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से एकजुट होकर ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि संविधान ने हर नागरिक को समान अधिकार, अवसर और गरिमा प्रदान की है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है।
🧭 संविधान और लोकतंत्र पर ज़ोर
पीएम मोदी ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ भारतीय संविधान केवल एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि देश की आत्मा है। यह हमें कर्तव्य, अधिकार और उत्तरदायित्व की भावना से जोड़ता है।
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करें और संविधान की भावना के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
📈 ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत का लक्ष्य 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनना है।
उन्होंने कहा कि:
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यह लक्ष्य सरकार अकेले नहीं,
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बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक भागीदारी से ही प्राप्त किया जा सकता है।
पीएम मोदी ने युवाओं, महिलाओं, किसानों, श्रमिकों और उद्यमियों को राष्ट्र की प्रगति की मुख्य शक्ति बताया और कहा कि आने वाला दशक भारत के लिए निर्णायक दशक होगा।
✨ युवा शक्ति और नारी सशक्तिकरण
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आज का युवा नवाचार, तकनीक और आत्मनिर्भरता के जरिए भारत को नई ऊँचाइयों पर ले जा रहा है।
साथ ही उन्होंने नारी शक्ति की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से भारत का सामाजिक और आर्थिक ढांचा मजबूत हुआ है।
🤝 राष्ट्रीय एकता और कर्तव्यबोध
प्रधानमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और कर्तव्यबोध का दिन है।
उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि:
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आपसी सद्भाव बनाए रखें
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सामाजिक समरसता को मजबूत करें
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और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें
🇮🇳 संदेश का सार
✔️ गणतंत्र दिवस भारत की लोकतांत्रिक चेतना का प्रतीक
✔️ संविधान और कर्तव्यों के प्रति निष्ठा का आह्वान
✔️ ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को जन-आंदोलन बनाने पर ज़ोर
✔️ युवा शक्ति, नारी सशक्तिकरण और राष्ट्रीय एकता पर विशेष ध्यान

