इतिहास के पन्नों से: जानिए भगत सिंह के आदर्श कौन थे?
भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में शहीद भगत सिंह का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है। वे केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि एक गहरे चिंतक, लेखक और दूरदर्शी विचारक भी थे।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगत सिंह के आदर्श कौन थे? किन महान व्यक्तित्वों ने उनके विचारों को आकार दिया?
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि किन नेताओं और विचारधाराओं ने भगत सिंह को प्रेरित किया।
1️⃣ करतार सिंह सराभा – सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत
भगत सिंह के सबसे बड़े आदर्श थे करतार सिंह सराभा।
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सराभा गदर आंदोलन के प्रमुख क्रांतिकारी थे।
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मात्र 19 वर्ष की आयु में उन्हें फांसी दे दी गई।
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भगत सिंह हमेशा उनकी तस्वीर अपने पास रखते थे।
कहा जाता है कि भगत सिंह सराभा को अपना गुरु और आदर्श मानते थे। उनकी शहादत ने युवा भगत सिंह के मन में क्रांति की ज्वाला प्रज्वलित कर दी।
2️⃣ लाला लाजपत राय – राष्ट्रवाद की प्रेरणा
लाला लाजपत राय को “पंजाब केसरी” कहा जाता था।
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वे एक प्रखर राष्ट्रवादी नेता थे।
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साइमन कमीशन के विरोध में पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुए।
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बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
लाला लाजपत राय की मृत्यु ने भगत सिंह को झकझोर दिया।
इसी घटना के बाद उन्होंने ब्रिटिश अधिकारी सॉन्डर्स की हत्या कर बदला लिया।
3️⃣ कार्ल मार्क्स और समाजवादी विचारधारा
भगत सिंह केवल क्रांति तक सीमित नहीं थे, वे समाजवाद में विश्वास रखते थे।
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वे कार्ल मार्क्स, लेनिन और अन्य समाजवादी विचारकों से प्रभावित थे।
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वे समानता और शोषण-मुक्त समाज चाहते थे।
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जेल में रहते हुए उन्होंने कई समाजवादी किताबें पढ़ीं।
उनका प्रसिद्ध नारा —
“इंकलाब जिंदाबाद”
सिर्फ राजनीतिक आजादी नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का प्रतीक था।
4️⃣ रामप्रसाद बिस्मिल और अन्य क्रांतिकारी
भगत सिंह पर रामप्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आज़ाद, और अन्य क्रांतिकारियों का भी गहरा प्रभाव था।
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हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) से जुड़कर उन्होंने संगठित क्रांति का मार्ग अपनाया।
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वे सशस्त्र संघर्ष को स्वतंत्रता का एक माध्यम मानते थे।
5️⃣ महात्मा गांधी से मतभेद लेकिन सम्मान
हालांकि भगत सिंह और गांधीजी के विचार अलग थे,
फिर भी वे गांधीजी के जनआंदोलन और त्याग का सम्मान करते थे।
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गांधीजी अहिंसा के पक्षधर थे।
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भगत सिंह क्रांतिकारी मार्ग को आवश्यक मानते थे।
यह वैचारिक अंतर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की विविधता को दर्शाता है।
🔥 भगत सिंह की विचारधारा क्या थी?
भगत सिंह का सपना केवल अंग्रेजों को भगाना नहीं था।
वे एक ऐसे भारत का निर्माण चाहते थे जहाँ:
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सभी को समान अधिकार मिले
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शोषण समाप्त हो
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शिक्षा और जागरूकता का प्रसार हो
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धार्मिक और जातिगत भेदभाव न हो
उनकी लिखी रचनाएँ जैसे “मैं नास्तिक क्यों हूँ” उनके तार्किक और प्रगतिशील सोच को दर्शाती हैं।
“दोस्तों, भगत सिंह केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि विचारों की क्रांति थे।
उनके आदर्शों ने उन्हें एक ऐसा युवा बनाया जिसने हंसते-हंसते फांसी को गले लगा लिया।
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जय हिंद!”
📌 निष्कर्ष
भगत सिंह के आदर्श केवल व्यक्ति नहीं थे, बल्कि विचार थे —
क्रांति, समानता और स्वतंत्रता के विचार।
उनका जीवन हमें सिखाता है कि सच्ची आजादी केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक भी होनी चाहिए।
⚠️ Disclaimer:
यह लेख ऐतिहासिक स्रोतों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल शैक्षणिक और जानकारी प्रदान करना है। किसी भी प्रकार की राजनीतिक भावना को बढ़ावा देना इसका उद्देश्य नहीं है।

