प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीर परंपरा को किया नमन
नई दिल्ली:
Beating Retreat 2026 समारोह का आयोजन राष्ट्र की सैन्य विरासत, अनुशासन और शौर्य को समर्पित एक भव्य अवसर के रूप में संपन्न हुआ। इस गरिमामयी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लेकर भारतीय सशस्त्र बलों की गौरवशाली परंपराओं और उनकी अदम्य शक्ति को सम्मानित किया।
🇮🇳 राष्ट्रगान और सैन्य संगीत से गूंजा वातावरण
समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसके बाद थलसेना, नौसेना और वायुसेना के सैन्य बैंड्स ने देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों की प्रस्तुति दी। पारंपरिक और आधुनिक सैन्य संगीत के समन्वय ने दर्शकों को भारतीय सेना की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ दिया।
🪖 प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय सशस्त्र बल न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रतीक हैं। उन्होंने सैनिकों के अनुशासन, साहस और बलिदान को राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत बताया।
⚔️ परंपरा और आधुनिकता का संगम
Beating Retreat समारोह ने यह संदेश दिया कि भारत अपनी परंपराओं को संजोते हुए आधुनिक सैन्य शक्ति की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है। सैन्य बैंड्स की अनुशासित प्रस्तुति और समन्वय ने सेना की पेशेवर क्षमता और एकजुटता को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया।
🌟 सैनिकों को राष्ट्र का नमन
इस आयोजन के माध्यम से देश ने अपने वीर जवानों को नमन किया, जो हर परिस्थिति में राष्ट्र की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। समारोह ने युवाओं में देशभक्ति की भावना को और अधिक सशक्त किया।
🔔 समारोह का समापन
दीपों और प्रकाश की भव्य छटा के बीच Beating Retreat 2026 का समापन हुआ, जिसने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय सेना की परंपरा, शक्ति और संकल्प अटूट है।

