अखंड भारत मंच | राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश
न्याय केवल अदालत तक सीमित नहीं, न्याय हर नागरिक तक पहुँचना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा 21 से 23 अगस्त 2026 तक विशेष लोक अदालत के माध्यम से “Participative Justice” और “Doorstep Delivery of Justice” की दिशा में किया जा रहा प्रयास समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है।
अक्सर सामान्य नागरिक छोटे-छोटे विवादों को लेकर वर्षों तक कानूनी प्रक्रिया में उलझा रहता है। ऐसे प्रयास लोगों को सरल, सुलभ और समयबद्ध न्याय की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
अखंड भारत मंच का मानना है कि जागरूक नागरिक ही मजबूत समाज की नींव बनाते हैं।
हमें केवल अपने अधिकारों की जानकारी नहीं होनी चाहिए, बल्कि अपने कर्तव्यों और दूसरों के अधिकारों का भी सम्मान करना चाहिए।
आइए, हम ऐसा समाज बनाने में अपनी भूमिका निभाएं जहाँ विवाद से पहले संवाद हो, टकराव से पहले समाधान हो और समस्या के साथ समाधान की सोच भी हो।
समाज बदलने के लिए हमेशा बड़ा कदम जरूरी नहीं होता—एक जागरूक नागरिक भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है।
अखंड भारत मंच
समस्या नहीं, समाधान।
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