मोरक्को ने बता दिया है कि वो सिर्फ भाग लेने नहीं, बल्कि इतिहास रचने के इरादे से फीफा विश्व कप में उतरा है. वहीं ब्राजील को भी समझ आ गया होगा कि इस बार भी खिताब की राह बिल्कुल आसान नहीं होने वाली. मोरक्को ने भले ही मैच नहीं जीता, लेकिन उसने दिखा दिया कि वह किसी भी दिग्गज टीम को चुनौती देने का दम रखता है. वहीं ब्राजील के लिए यह ड्रॉ किसी चेतावनी से कम नहीं है.
फीफा विश्व कप 2026 में ब्राजील की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. पांच बार की विश्व चैम्पियन टीम को अपने पहले ही मुकाबले में मोरक्को के खिलाफ कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ा. 14 जून (रविवार) को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-सी के मुकाबले में मोरक्को ने ब्राजील को 1-1 की बराबरी पर रोक दिया. अगर अंतिम क्षणों में गोलकीपर एलिसन बेकर ने शानदार बचाव नहीं किया होता, तो ब्राजील को हार का सामना भी करना पड़ सकता था.
इस हाईवोल्टेज मुकाबले में मोरक्को ने शुरुआत से ही ब्राजील पर दबाव बनाए रखा. चार साल पहले विश्व कप सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली अफ्रीकी टीम ने दिखा दिया कि वह इस बार भी किसी बड़े उलटफेर को अंजाम देने की क्षमता रखती है. मैच के शुरुआती 20 मिनटों में ब्राजील अपनी लय तलाशता नजर आया, जबकि मोरक्को लगातार आक्रामक फुटबॉल खेल रहा था.
इसका फायदा उसे 21वें मिनट में मिला. ब्राजील के मिडफील्डर लुकास पाक्वेटा की गलती के बाद मोरक्को ने तेज काउंटर अटैक शुरू किया. ब्राहिम डियाज की शानदार थ्रू बॉल पर इस्माइल सैबारी ने बेहतरीन रन लगाया और गोलकीपर एलिसन बेकर के ऊपर से गेंद को नेट में पहुंचाकर मोरक्को को 1-0 की बढ़त दिला दी. गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद मोरक्को समर्थकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया, जबकि ब्राजील के प्रशंसक हैरान नजर आए.

