राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 25 जनवरी 2026 को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को सम्बोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में लोकतंत्र, एकता, विकास और राष्ट्रीय गौरव पर विशेष जोर दिया।
📌 मुख्य अंश: लोकतंत्र और संविधान की महत्ता
राष्ट्रपति ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को हमारे संविधान के लागू होने के बाद भारत एक संप्रभु गणराज्य बना। हमारे संविधान में न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा जैसे आदर्श राष्ट्रीय एकता और लोकतंत्र का आधार हैं।
🤝 राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव
उन्होंने कहा कि भारत की विविधता भारत की शक्ति है। देश के पूर्वजों द्वारा बुनी गई प्राचीन सांस्कृतिक एकता ने हमें एकजुट रखा है। ‘वंदे मातरम’ का संदेश देशभक्ति की भावना को और मजबूत करता है।
🌾 किसान, युवाओं और नारी शक्ति का योगदान
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे किसान देश के अन्नदाता हैं और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए किये जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।
उन्होंने देश के युवा, उद्यमी, खेल प्रतिभाएँ और महिलाओं के योगदान को भी राष्ट्रीय विकास का आधार बताया।
📈 आर्थिक प्रगति और विकास
राष्ट्रपति ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बताया और कहा कि हमारा लक्ष्य तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है।
उन्होंने GST, मज़दूर सुधार और बुनियादी ढांचा निर्माण को राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण बताया।
🛡️ राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता
केंद्रीय सुरक्षा बलों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारियों और रक्षा आत्मनिर्भरता पर गर्व जताया। उन्होंने Operation Sindoor जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए देश की सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा व्यक्त किया।
🌍 विश्व शांति और भारत की भूमिका
मुर्मू ने कहा कि आज विश्व में कई हिस्सों में संघर्ष जारी हैं, लेकिन भारत शांति का संदेश फैलाता है। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत के शांतिपूर्ण योगदान और भागीदारी को महत्व दिया।
💡 राष्ट्रीय जिम्मेदारी का संदेश
राष्ट्रपति ने जनता से संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक भावना, सामाजिक सौहार्द और देशहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना भारत को और भी उन्नत बनाएगी।
🎉 शुभकामनाएँ और समापन
अंत में राष्ट्रपति ने सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस 2026 की शुभकामनाएँ दीं और देश की उन्नति, सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

