
तमिलनाडु।
अरुलमिगु श्री राजनायकी सहित श्री राजलिंगम तिरुक्कैलाय परंपरा के अधिष्ठाता, राजलिंगम तिरुमठ–राजलिंगम आदीनम के संस्थापक एवं संस्थानाध्यक्ष, मठाधीश गुरुमहा सन्निधानम्, तपस्वी परम पूज्य श्रीलश्री राजलिंगम देसिक परमाचार्य स्वामीजी का डॉ. ए. अंगप्पन @ अरुण के निवास पर पावन आगमन हुआ। इस अवसर पर स्वामीजी ने परिवारजनों एवं उपस्थितजनों को अपने शुभ चरणों से आशीर्वाद प्रदान किया।
धर्म और समाज को लेकर गंभीर मंथन
स्वामीजी के सान्निध्य में धर्म, समाज और राष्ट्र से जुड़े समकालीन विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। डॉ. ए. अंगप्पन @ अरुण —
मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), देवर ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़,
राज्य सचिव, विधिक जागरूकता संघ,
राष्ट्रीय उप-सचिव, अखिल भारतीय युवा विकास संघ —
ने समाज में नैतिक मूल्यों, युवा जागरूकता और विधिक चेतना पर अपने विचार साझा किए।
सनातन धर्म की रक्षा पर स्पष्ट संदेश
परम पूज्य स्वामीजी ने तमिलनाडु में सनातन धर्म और सांस्कृतिक परंपराओं को कमजोर करने के प्रयासों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा केवल संत समाज ही नहीं, बल्कि जागरूक नेतृत्व और संगठित समाज से संभव है। इस क्रम में डॉ. ए. अंगप्पन @ अरुण के धर्म-संरक्षण हेतु निरंतर प्रयासों की विशेष सराहना की गई।
युवा नेतृत्व और सामाजिक चेतना की प्रशंसा
स्वामीजी ने डॉ. ए. अंगप्पन @ अरुण को युवा नेतृत्व का सशक्त उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे नेतृत्वकर्ता ही समाज को सही दिशा देने में सक्षम होते हैं। उनके द्वारा युवाओं को जोड़ने, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के प्रयासों को प्रेरणादायी बताया गया।
आगामी विधानसभा चुनावों में अहम भूमिका की चर्चा
विमर्श के दौरान यह भी संकेत दिया गया कि आगामी विधानसभा चुनावों में डॉ. ए. अंगप्पन @ अरुण की भूमिका प्रभावशाली और निर्णायक हो सकती है। सामाजिक स्वीकार्यता, संगठनात्मक क्षमता और धर्मनिष्ठ छवि के कारण वे जनता के बीच मजबूत उपस्थिति रखते हैं।
आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रहित के संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन आध्यात्मिक वातावरण, सकारात्मक ऊर्जा और राष्ट्र एवं धर्महित में निरंतर कार्य करने के दृढ़ संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित जनसमूह ने इस पावन अवसर को आत्मिक प्रेरणा और सामाजिक दिशा देने वाला क्षण बताया।

