1️⃣ मेटाबॉलिज़्म धीमा होना
कुछ लोगों का मेटाबॉलिज़्म जन्म से या उम्र, हार्मोन और लाइफस्टाइल के कारण धीमा होता है। ऐसे में शरीर कम कैलोरी जलाता है और फैट जल्दी जमा करता है।
2️⃣ हार्मोनल असंतुलन
थायरॉइड, इंसुलिन रेज़िस्टेंस, PCOS जैसी स्थितियाँ
भूख बढ़ाती हैं और फैट बर्न को रोकती हैं, जिससे मेहनत के बावजूद वजन नहीं घटता।
3️⃣ जेनेटिक कारण
कुछ लोगों के जीन ऐसे होते हैं कि शरीर
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फैट ज़्यादा स्टोर करता है
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और कम खर्च करता है
इसका मतलब यह नहीं कि वजन कम नहीं हो सकता, बस ज़्यादा रणनीति चाहिए।
4️⃣ मानसिक तनाव और नींद की कमी
तनाव से बढ़ता है कोर्टिसोल हार्मोन,
जो पेट की चर्बी बढ़ाता है।
नींद कम होने से भूख बढ़ाने वाले हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं।
5️⃣ डाइटिंग की गलतियाँ
बहुत कम खाना, बार-बार डाइट बदलना या भूखा रहना
शरीर को “स्टोरेज मोड” में डाल देता है,
जिससे वजन अटक जाता है।
6️⃣ इमोशनल ईटिंग
कई लोग तनाव, अकेलेपन या उदासी में ज़्यादा खाते हैं।
यह आदत धीरे-धीरे वजन बढ़ाती है और रोकना मुश्किल हो जाता है।
7️⃣ बैठे रहने की आदत (Sedentary Lifestyle)
लंबे समय तक बैठना, कम चलना और कम शारीरिक गतिविधि
वजन घटाने की प्रक्रिया को बेहद धीमा कर देता है।
8️⃣ अवास्तविक उम्मीदें
जल्दी वजन घटाने की चाह में लोग
गलत तरीकों पर चले जाते हैं,
और जब नतीजा नहीं आता तो निराश होकर छोड़ देते हैं।

