महाराष्ट्र: मुंबई में BJP बनी सबसे बड़ी पार्टी, मेयर चुनाव में शिंदे फ़ैक्टर से सियासी गणित उलझा
मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सियासत एक बार फिर दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। हालिया राजनीतिक समीकरणों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुंबई में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है, लेकिन मेयर चुनाव अब भी आसान नहीं दिख रहा। इसकी सबसे बड़ी वजह है मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का ‘फ़ैक्टर’, जिसने सत्ता के गणित को और जटिल बना दिया है।
संख्या में आगे, लेकिन सत्ता दूर
बीजेपी के पास मुंबई नगर निगम में सबसे ज़्यादा पार्षद हैं, लेकिन स्पष्ट बहुमत से अब भी दूरी बनी हुई है। ऐसे में मेयर चुनाव जीतने के लिए गठबंधन और समर्थन बेहद अहम हो गया है।
शिंदे गुट की भूमिका निर्णायक
शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षदों की संख्या ऐसी स्थिति में है कि वे किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं। सवाल यह है कि
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क्या शिंदे गुट बीजेपी को खुला समर्थन देगा?
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या फिर वह अपने लिए मेयर या डिप्टी मेयर पद की मांग करेगा?
महाविकास अघाड़ी की रणनीति
दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे गुट, कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) मिलकर बीजेपी को सत्ता से दूर रखने की कोशिश में हैं। हालांकि आंतरिक मतभेद और संख्या बल की कमी उनके लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
दिल्ली से मुंबई तक निगाहें
मेयर चुनाव को लेकर न सिर्फ महाराष्ट्र, बल्कि दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बीजेपी के लिए मुंबई का मेयर पद प्रतिष्ठा का सवाल है, वहीं शिंदे गुट इसे अपनी राजनीतिक ताक़त साबित करने का मौका मान रहा है।
क्या होगा अगला कदम?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि
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अंतिम फैसला पर्दे के पीछे की बातचीत और
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शिंदे गुट की शर्तों पर निर्भर करेगा।
फिलहाल इतना तय है कि मुंबई का मेयर कौन बनेगा, इसका जवाब आसान नहीं और आने वाले दिनों में मुंबई की राजनीति और गरमाने वाली है।

