
📍 स्थान: बिहारशरीफ
📅 दिनांक: 06 अप्रैल 2026
नालंदा जिले के मंडल कारा बिहारशरीफ का निरीक्षण सोमवार को न्यायमूर्ति राजीव रॉय द्वारा किया गया। वे पटना उच्च न्यायालय के निरीक्षी न्यायाधीश के रूप में यहां पहुंचे थे।
निरीक्षण के दौरान गुरविंदर सिंह मल्होत्रा (प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नालंदा) एवं राजेश गौरख (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार) भी उपस्थित रहे।
कारा प्रशासन की ओर से अधीक्षक अभिषेक कुमार पाण्डेय, उपाधीक्षक अरविंद कुमार, सहायक अधीक्षक अमरेंद्र कुमार और श्रीमती आरती कुमारी ने निरीक्षण दल का स्वागत किया।
🔍 जेल परिसर का विस्तृत निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति ने कारा अस्पताल, पुरुष एवं महिला बंदी वार्ड, पाकशाला (किचन) तथा जेल परिसर में स्थित बाग-बगीचों का बारीकी से जायजा लिया।
उन्होंने बंदियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाएं, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और रहन-सहन की स्थिति का गहन निरीक्षण किया।
इस दौरान कारा प्रशासन ने उन्हें जेल में चल रहे सुधारात्मक कार्यक्रमों, स्वास्थ्य सेवाओं और बंदियों के कौशल विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
🕉️ बुद्ध ध्यान केंद्र का उद्घाटन
निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति राजीव रॉय ने जेल परिसर में स्थापित बुद्ध ध्यान केंद्र का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर भगवान बुद्ध एवं उनके शिष्यों आनंद और उपाली की प्रतिमाओं का अनावरण किया गया। साथ ही ध्यान केंद्र के पास हरसिंगार (परिजात) का पौधा भी लगाया गया।
👍 व्यवस्थाओं पर जताया संतोष
निरीक्षण के बाद न्यायमूर्ति ने जेल की प्रशासनिक व्यवस्था, साफ-सफाई और अनुशासन को संतोषजनक बताया।
उन्होंने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि मंडल कारा बिहारशरीफ का नाम बदलकर “कुंडलवन कारा” रखा जा सकता है।

