पश्चिम बंगाल में कुछ महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। वह तीन दिवसीय कोलकाता दौरे पर हैं। अपने दौरे के दूसरे दिन उन्होंने ममता सरकार पर निशाना साधा है। इसके साथ ही बंगाल की जनता से बहुमत की मांग भी की है
उन्होंने कहा, “अप्रैल में बंगाल में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और घुसपैठ की जगह विकास, विरासत और गरीब कल्याण की एक मजबूत सरकार बनाने का बंगाल की जनता का संकल्प दिखाई पड़ता है। आज 30 दिसंबर का दिन हम सभी भारतीयों के लिए गौरव का दिन है।”
अमित शाह ने कहा, “आज ही के दिन 1943 में बंगाल की भूमि के सुपुत्र, देश के महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में पहली बार आजाद भारत का झंडा फहराया था। एक प्रकार से यह हमारी आजादी के संग्राम का एक महत्वपूर्ण मुकाम था। दशकों बाद जब हम आज को देखते हैं, तो बंगाल के लिए 30 दिसंबर से लेकर अप्रैल तक का समय महत्वपूर्ण है। टीएमसी के 15 साल के शासन में भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और विशेषकर घुसपैठ से बंगाल की जनता भयभीत भी है, आशंकित भी है।”
शाह ने आगे कहा, “हम बंगाल की जनता को आश्वासन भी देना चाहते हैं और वादा भी करते हैं कि मोदी जी के नेतृत्व में बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही यहां की विरासत को पुनर्जीवित करेंगे, विकास की गंगा फिर से तेज गति से बहेगी और गरीब कल्याण को प्राथमिकता देंगे। 14 वर्षों से भय और भ्रष्टाचार, बंगाल की पहचान बना हुआ है। 15 अप्रैल, 2026 के बाद जब बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, तब बंग गौरव, बंग संस्कृति और उसके पुनर्जागरण की हम शुरुआत करेंगे।”

