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दावोस से दुनिया को संदेश

56वें World Economic Forum में ‘संवाद, सहयोग और समाधान’ पर वैश्विक एकजुटता

🔴 बदलती वैश्विक राजनीति के बीच सहयोग पर ज़ोर

दावोस | स्विट्ज़रलैंड | अंतरराष्ट्रीय डेस्क

स्विट्ज़रलैंड के दावोस शहर में आयोजित 56वें World Economic Forum (WEF) ने एक बार फिर दुनिया को यह संदेश दिया कि मौजूदा दौर की वैश्विक चुनौतियों का समाधान टकराव से नहीं, संवाद और सहयोग से ही संभव है। इस प्रतिष्ठित मंच पर विश्व के प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों, मंत्रियों, केंद्रीय बैंक प्रमुखों, उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया।


🧭 सम्मेलन का मूल मंत्र

“संवाद की भावना” बनी थीम

इस वर्ष WEF का केंद्रीय विषय रहा —

“A Spirit of Dialogue” (संवाद की भावना)

इस थीम के तहत यह स्पष्ट किया गया कि—

  • दुनिया बहु-ध्रुवीय (Multi-polar) हो चुकी है

  • वैश्विक समस्याएं साझा हैं

  • समाधान भी साझा प्रयासों से ही निकलेंगे


🤝 द्विपक्षीय बैठकों की धूम

मंच के बाहर भी कूटनीति सक्रिय

WEF के इतर कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें हुईं—

  • व्यापार और निवेश सहयोग

  • ऊर्जा सुरक्षा और ग्रीन एनर्जी

  • टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और AI

  • वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain)

इन बैठकों को आने वाले वर्षों की वैश्विक आर्थिक दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।


📈 वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंथन

“ग्रोथ धीमी, लेकिन उम्मीद ज़िंदा”

अर्थशास्त्रियों और वैश्विक संस्थानों ने माना कि—

  • वैश्विक विकास दर पर दबाव है

  • महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव चुनौती बने हुए हैं

  • फिर भी कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं स्थिरता दिखा रही हैं

WEF में इस बात पर सहमति बनी कि खुला व्यापार और सहयोग ही विकास का रास्ता है।


🌱 जलवायु परिवर्तन और ग्रीन ट्रांजिशन

विकास के साथ जिम्मेदारी

सम्मेलन में जलवायु संकट एक प्रमुख एजेंडा रहा—

  • कार्बन उत्सर्जन कम करने पर जोर

  • ग्रीन फाइनेंस और क्लाइमेट फंडिंग

  • विकासशील देशों को तकनीकी सहायता

नेताओं ने माना कि जलवायु कार्रवाई को टाला नहीं जा सकता


💻 AI, टेक्नोलॉजी और भविष्य

अवसर भी, चिंता भी

WEF में तकनीक खासकर Artificial Intelligence पर गहन चर्चा हुई—

  • AI से उत्पादकता और विकास

  • रोजगार पर असर

  • डेटा सुरक्षा और नैतिकता

साझा राय बनी कि टेक्नोलॉजी पर नियम और जिम्मेदारी दोनों ज़रूरी हैं।


🇮🇳 भारत की बढ़ती भूमिका

निवेश और भरोसे का केंद्र

दावोस में भारत को—

  • सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था

  • निवेश के लिए भरोसेमंद गंतव्य

  • ग्लोबल साउथ की मज़बूत आवाज़

के रूप में देखा गया।
भारतीय प्रतिनिधियों ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और ग्रीन एनर्जी पर वैश्विक निवेशकों से संवाद किया।


🌐 वैश्विक राजनीति और शांति

टकराव नहीं, बातचीत की अपील

यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया तनाव और अन्य संघर्षों पर—

  • शांति प्रयास तेज करने की अपील

  • मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर

  • कूटनीति को प्राथमिक विकल्प बताया गया


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