अत्याधुनिक इकाइयों और स्वदेशी तकनीक ने खींचा देश-दुनिया का ध्यान
नई दिल्ली | 26 जनवरी 2026
77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में इस वर्ष भारत की सैन्य नवाचार क्षमता और भविष्य की युद्ध-तैयारी की ऐतिहासिक झलक देखने को मिली। परेड में कई नई सैन्य इकाइयाँ, स्वदेशी हथियार प्रणालियाँ और आधुनिक तकनीक पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की गईं।
🛡️ नई सैन्य इकाइयों की ऐतिहासिक शुरुआत
भैरव लाइट कमांडो बटालियन पहली बार परेड में
इस वर्ष परेड का प्रमुख आकर्षण रही भैरव लाइट कमांडो बटालियन, जो विशेष परिस्थितियों में तेज़ और सटीक अभियानों के लिए गठित की गई है।
यह इकाई:
-
सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती के लिए प्रशिक्षित
-
आधुनिक हथियारों और उन्नत संचार प्रणाली से लैस
-
तेज़ प्रतिक्रिया और उच्च गतिशीलता में सक्षम
मानी जा रही है। इस बटालियन की प्रस्तुति ने भारत की विशेष बल क्षमता को नई पहचान दी।
🚀 ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट लॉन्चर का दमदार प्रदर्शन
स्वदेशी शक्ति का प्रतीक बना नया हथियार सिस्टम
परेड में पहली बार शामिल किया गया ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, जिसे पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है।
इस प्रणाली की विशेषताएँ:
-
लंबी दूरी तक सटीक मार करने की क्षमता
-
तेज़ तैनाती और मोबाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म
-
आधुनिक लक्ष्य-निर्धारण तकनीक से लैस
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ‘सूर्यास्त्र’ भारत की रणनीतिक मारक क्षमता को और सुदृढ़ करेगा।
🐎 विशेष पशु दल की अनूठी प्रस्तुति
परंपरा और आधुनिक प्रशिक्षण का संगम
इस बार परेड में विशेष पशु दल को भी शामिल किया गया, जिसने दर्शकों को खासा आकर्षित किया।
यह दल:
-
सीमावर्ती और कठिन इलाकों में सहायता के लिए प्रशिक्षित
-
खोज-बचाव, लॉजिस्टिक सपोर्ट और सुरक्षा अभियानों में उपयोगी
-
आधुनिक प्रशिक्षण तकनीकों से तैयार
परंपरागत सैन्य विरासत और आधुनिक जरूरतों के संतुलन का प्रतीक बना।
🤖 नई तकनीकी झलकियाँ बनीं चर्चा का विषय
ड्रोन, स्मार्ट सिस्टम और भविष्य की युद्ध तकनीक
परेड में कई नई सैन्य तकनीकों की झलक भी पहली बार देखने को मिली, जिनमें शामिल हैं:
-
उन्नत निगरानी ड्रोन
-
ड्रोन-रोधी सुरक्षा प्रणालियाँ
-
डिजिटल कमांड और कंट्रोल सिस्टम
-
स्वदेशी रोबोटिक सपोर्ट प्लेटफॉर्म
इन प्रदर्शनों ने यह स्पष्ट किया कि भारत भविष्य की युद्ध प्रणाली की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
🇮🇳 आत्मनिर्भर भारत का सशक्त संदेश
स्वदेशी रक्षा निर्माण पर ज़ोर
इन नई इकाइयों और तकनीकों के माध्यम से भारत ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ और मेक इन इंडिया (रक्षा) अभियान को मजबूती से प्रस्तुत किया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह परेड भारत के वैश्विक रक्षा निर्यातक बनने की दिशा में बढ़ते कदमों का संकेत है।
✨ निष्कर्ष
गणतंत्र दिवस 2026 की परेड केवल एक औपचारिक सैन्य प्रदर्शन नहीं रही, बल्कि यह भारत की रणनीतिक तैयारी, तकनीकी आत्मनिर्भरता और भविष्य-दृष्टि का सशक्त प्रतीक बनी।
नई इकाइयों और अत्याधुनिक तकनीकों ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि भारत आज सुरक्षा के हर मोर्चे पर आत्मविश्वास से खड़ा है 🇮🇳।

